पीएम स्वनिधि योजना : निराशा को आशा में बदलने की कहानी, लाभार्थी मंदीप ने बताया- जीने का मिला सहारा

करनाल (Haryana), 1 जून . पीएम स्वनिधि जून 2020 में शुरुआत के बाद से रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभरी है. इस योजना ने किफायती ऋण और सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाने के छह साल पूरे किए हैं.

Haryana के करनाल के लाभार्थी मंदीप तनेजा ने इस योजना को डूबते को तिनके का सहारा बताया है.

करनाल शहर के नेहरू प्लेस मार्केट में पिज्जा स्टॉल चलाने वाले मंदीप तनेजा के लिए हर दिन ताजा सामग्री तैयार करने और ग्राहकों को किफायती पिज्जा उपलब्ध कराने से शुरू होता है. यही छोटा सा व्यवसाय उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है.

लेकिन सीमित आमदनी और अनिश्चित बिक्री के कारण व्यवसाय को आगे बढ़ाना आसान नहीं था. परिवार के खर्चों और कारोबार दोनों को संभालना उनके लिए लगातार चुनौती बना हुआ था. ऐसे समय में Prime Minister स्वनिधि योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई.

अखबार में योजना का विज्ञापन देखने के बाद उन्हें पता चला कि रेहड़ी-पटरी वालों को बिना गारंटी 10,000 रुपए तक का ऋण दिया जाता है. उन्होंने तुरंत आवेदन किया और योजना के तहत पहला ऋण प्राप्त किया.

पहली ऋण राशि से मंदीप ने अपने पिज्जा स्टॉल के लिए नए उपकरण खरीदे. इससे खाद्य सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया आसान हुई और ग्राहकों को बेहतर सेवा मिलने लगी. धीरे-धीरे उनके व्यवसाय में सुधार आने लगा और ग्राहक भी बढ़ने लगे.

समय पर ऋण चुकाने के बाद उन्हें दूसरी किश्त का लाभ मिला. इस अतिरिक्त सहायता से उन्होंने न केवल अपने व्यवसाय को संभाला बल्कि परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिली. इससे उनके परिवार को आर्थिक मजबूती मिली.

व्यवसाय में लगातार सुधार के बाद मंदीप तीसरी ऋण किश्त के लिए पात्र बने. इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने पिज्जा स्टॉल की साज-सज्जा और बाहरी स्वरूप को बेहतर बनाने में किया. आकर्षक स्टॉल ने ग्राहकों का ध्यान खींचा और उनकी बिक्री में और वृद्धि हुई.

मंदीप तनेजा का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक नया अवसर साबित हुई. इस योजना ने उन्हें अपने व्यवसाय को मजबूत करने, परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और भविष्य के प्रति नया आत्मविश्वास दिया है. आज वे अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए पहले से कहीं अधिक उत्साहित और आशावान हैं.

मंदीप तनेजा ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि केंद्र Government द्वारा कोविड काल में शुरू की गई पीएम स्‍वनिधि योजना के तहत लोन लिया था. इसका लाभ नगर निगम की स्‍कीम के जरिए‍ मिला था. पहले 10 हजार रुपए का लोन, उसके बाद 20 हजार और आखिर में 50 हजार रुपए का लोन मिला.

कोरोना काल में रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वाले लोगों के लिए यह योजना डूबते को तिनके का सहारा जैसी साबित हुई है. हम लोग रोज कमाने और रोज खाने वाले लोगों में हैं. लोन की पहली किस्‍त 10 हजार रुपए से रुके हुए काम को दोबारा से शुरू किया. 20 हजार रुपए का लोन लेकर अपने रोजगार को और ऊपर किया. पैसे की कमी की वजह से आधुनिक मशीनें नहीं खरीद पा रहा था, लोन लेने के बाद काम आसान हो गया.

उन्‍होंने कहा कि अगर इस योजना का लाभ नहीं मिला होता तो हमारा रोजगार दोबार शुरू नहीं हो पाता. इस योजना ने लोन के साथ ही जीने का सहारा भी दिया है. इस योजना ने गरीब परिवार को आत्‍मनिर्भर बनाया है. केंद्र में मोदी Government के 12 साल के कार्यक्रम की सराहना करते हुए तनेजा ने कहा कि हम पीएम मोदी के दीर्घायु की कामना करते हैं.

एएसएच/एबीएम