
जम्मू/नोएडा, 14 मई . Prime Minister Narendra Modi की ‘ऊर्जा बचत’ अपील और उनके काफिले में गाड़ियों की संख्या कम किए जाने के फैसले पर देश के पूर्व वरिष्ठ Police अधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एस. पी. वैद और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने Prime Minister की पहल का समर्थन किया, लेकिन साथ ही उनकी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता न करने पर जोर दिया.
एस. पी. वैद ने से बातचीत में कहा कि Prime Minister के संदेश को गंभीरता से लेकर ऊर्जा बचत करनी चाहिए और गाड़ियों का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए.
Prime Minister के काफिले की संख्या घटाए जाने पर उन्होंने कहा कि Prime Minister की जरूरत सिर्फ देश को ही नहीं, बल्कि दुनिया को भी है. दुनिया में सबसे ज्यादा खतरा उन्हीं को है. वह कई कट्टरपंथी संगठनों के निशाने पर हैं. उन्होंने काफिला छोटा कर संदेश देने की कोशिश की, सिर्फ कहा ही नहीं बल्कि खुद करके भी दिखाया.
एस. पी. वैद ने कहा कि देश Prime Minister से जुड़ी किसी घटना को सहन नहीं कर सकता. एसपीजी उनकी सुरक्षा देखती है, इसलिए उन्होंने पीएम की सुरक्षा का जरूर ध्यान रखा होगा. मैं देश की तरफ से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा हूं. चंद लीटर पेट्रोल बचाकर देश पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. कुछ लीटर पेट्रोल बचाने के लिए Prime Minister की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि India के पड़ोस में Pakistan और बांग्लादेश जैसे देश हैं, जहां के कई संगठन सीधे Prime Minister को धमकी देते हैं. इसलिए उनकी सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होना चाहिए.
वहीं, विक्रम सिंह ने कहा कि जिस देश के ब्लॉक प्रमुख, प्रधान और पार्षद अपने काफिले में दस-दस गाड़ियां लेकर चलते हैं, उस देश के Prime Minister अगर दो गाड़ियों के काफिले के साथ चल रहे हैं, तो इससे सीख लेकर सभी को इसका अनुसरण करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के Prime Minister होने के नाते खतरा केवल प्रतिद्वंद्वी और राष्ट्र विरोधी तत्वों से ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों के चरमपंथी संगठनों से भी है. सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन का उत्तरदायित्व होगा कि पीएम की सुरक्षा पहले जैसी और अभेद्य रहे, भले ही इसमें कुछ सुधार करना पड़े.
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एएमटी/एबीएम
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