
New Delhi, 3 जुलाई . Prime Minister Narendra Modi अगले हफ्ते इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने Friday को बताया कि इस दौरे के साथ India का ध्यान अब हिंद महासागर के पूर्वी हिस्से और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति की ओर और ज्यादा बढ़ेगा.
दौरे के पहले चरण में Prime Minister मोदी 6 जुलाई को इंडोनेशिया जाएंगे और वहां जकार्ता में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. वे ऐतिहासिक शहर योग्याकार्ता और प्रंबानन मंदिर परिसर भी जाएंगे, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है.
विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने बताया कि Prime Minister मोदी की हाल की सेशेल्स यात्रा के बाद अब ध्यान हिंद महासागर के पश्चिमी हिस्से से हटकर पूर्वी हिस्से और ‘एक्ट ईस्ट’ साझेदारी की ओर जा रहा है.
उन्होंने कहा कि 2018 में Prime Minister मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान जो ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप’ शुरू हुई थी, वह अब India की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और ‘महासागर’ विजन का एक बहुत अहम हिस्सा बन चुकी है.
इंडोनेशिया हमेशा से मलक्का स्ट्रेट की सुरक्षा और स्थिरता में अहम भूमिका निभाता आया है. यह India के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है, क्योंकि यह India और अन्य देशों के लिए समुद्री व्यापार के प्रमुख रास्तों में से एक है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था भी जुड़ी हुई है.
इंडोनेशिया ‘आसियान’ समूह का भी एक महत्वपूर्ण देश है, जो इस क्षेत्र में नियमों पर आधारित व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है.
विदेश मंत्रालय के सचिव ने बताया, “दोनों देशों के नेता संबंधों की समीक्षा करेंगे और इसे आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे, खासकर समुद्री सहयोग, रक्षा, व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर. साथ ही लोगों के बीच आपसी रिश्तों को भी और गहरा करने पर जोर दिया जाएगा.”
दौरे के दूसरे चरण में Prime Minister मोदी दस जुलाई को ऑस्ट्रेलिया जाएंगे. मेलबर्न में वे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के तीसरे संस्करण में हिस्सा लेंगे.
यह एक शीर्ष स्तर का संस्थागत मंच है, जिसे 2020 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत शुरू किया गया था. इसमें कई मंत्री स्तर की बातचीत होती है, खासकर रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और व्यापार मंत्री स्तर पर.
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के नए क्षेत्रों जैसे कि क्रिटिकल मिनरल्स, साइबर सुरक्षा, सप्लाई चेन की मजबूती और नई तकनीकों पर भी चर्चा होगी. इसके बाद Prime Minister मोदी 11 जुलाई को न्यूजीलैंड जाएंगे. वहां वे अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन से बातचीत करेंगे.
लक्सन 2025 में India आए थे और रायसीना डायलॉग 2025 में वे मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता थे.
विदेश मंत्रालय के सचिव ने कहा कि India और न्यूजीलैंड के रिश्तों में हाल के समय में तेजी से प्रगति हुई है, जिसका एक बड़ा उदाहरण दोनों देशों के बीच जल्द ही हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का होना है. उन्होंने यह भी बताया कि यह यात्रा ऐतिहासिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले 40 वर्षों में यह पहली बार होगा, जब कोई भारतीय Prime Minister न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे.
–
एवाई/
Skip to content