नई दिल्ली, 1 अप्रैल . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू के दौरान 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में हुए भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर अपने ‘मन की बात’ और इससे जुड़े खास अनुभव शेयर किया.

पीएम मोदी ने बताया कि जब उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन भगवान रामलला की मूर्ति को देखा था, तो उनकी पहली नजर रामलला के चरणों पर पड़ी थी और फिर उनकी निगाह प्रभु श्रीराम की आंखों पर जाकर टिक गई थी.

पीएम मोदी ने रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर इंटरव्यू में बताया कि प्रभु राम की मूर्ति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे भगवान राम उनसे कह रहे थे कि भारत में स्वर्णिम काल शुरू हो गया है. भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने बताया कि मैं उस पल जो व्यक्तिगत अनुभूति महसूस कर रहा था, उसको मैं शब्दों में बयां भी नहीं कर पाऊंगा. पीएम मोदी ने साक्षात्कार में बताया कि मुझे कई निमंत्रण मिलते रहते हैं, लेकिन जब मुझे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का न्योता मिला. तो, मुझे इस निमंत्रण ने झकझोर कर रख दिया. निमंत्रण पत्र मिलने के बाद से मैं एक अलग प्रकार के आध्यात्मिक वातावरण में खो गया था. जिसे बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है.

पीएम मोदी ने कहा कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिलने के बाद मैंने तय किया कि मैं 11 दिनों तक विशेष अनुष्ठान करूंगा. साथ ही दक्षिण में प्रभु राम से जुड़े स्थानों में समय व्यतीत करूंगा.

बता दें कि 500 सालों के बाद 22 जनवरी 2024 को राम भक्तों का इंतजार खत्म हुआ. अयोध्या में भगवान रामलला प्राण प्रतिष्ठा के बाद भव्य राम मंदिर में विराजमान हुए. इस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी मुख्य यजमान रहे थे. पीएम मोदी ने रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की थी.

उन्होंने राम मंदिर के उद्घाटन से पहले 11 दिनों का विशेष अनुष्ठान भी रखा था. इतना ही नहीं प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने तक वह जमीन पर ही सोए थे. प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न होने के बाद स्वामी गोविंददेव ने अपने हाथों से पीएम मोदी को चरणामृत पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया था.

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