पीएम मोदी-ताकाइची बातचीत से मुख्य प्राथमिकताओं पर हुई ठोस प्रगति : विदेश मंत्रालय

New Delhi, 2 जुलाई . Prime Minister Narendra Modi और उनकी जापानी समकक्ष साने ताकाइची ने Thursday को भारत-जापान संबंधों के सभी पहलुओं पर बातचीत की, जिसमें व्यापार और निवेश, आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा, उभरती टेक्नोलॉजी, रक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान शामिल हैं.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी अपने विचार साझा किए.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “बातचीत से हमारे द्विपक्षीय संबंधों की खास प्राथमिकता को लेकर चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने तीन अहम दस्तावेज साझा किए, जिनमें आर्थिक सुरक्षा पर संयुक्त प्रस्ताव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग को लेकर संयुक्त बयान और ऊर्जा रेजिलिएंस पर संयुक्त बयान शामिल हैं.”

उन्होंने कहा, “दोनों नेताओं ने आर्थिक सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, जरूरी तकनीक और रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़े जरूरी एमओयू और समझौते पर बातचीत की. दोनों पक्ष डिप्लोमैटिक संबंध की स्थापना की 75वीं सालगिरह मनाने के लिए गतिविधियों की एक लिस्ट पर सहमत हुए.”

16वें भारत-जापान वार्षिक समिट के दौरान संबंधों को आगे बढ़ाते और मजबूत करते हुए दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की और आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.

पद संभालने के बाद पीएम ताकाइची का यह पहला आधिकारिक India दौरा है और इससे पहले Prime Minister मोदी अगस्त 2025 में 15वें भारत-जापान सालाना समिट के लिए टोक्यो गए थे. यह दौरा भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है.

इससे पहले, जापान के Prime Minister के साथ एक संयुक्त प्रेस मीट को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने घोषणा की कि India और जापान ने रक्षा क्षेत्र में पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

New Delhi के हैदराबाद हाउस में जापानी समकक्ष के साथ अपनी बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा, “जापान की सटीक तकनीक और India की सॉफ्टवेयर क्षमताओं का मेल एआई के वैश्विक विकास को नई रफ्तार और ताकत देगा. रक्षा के क्षेत्र में आज हमने India और जापान के बीच पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है.”

उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले, जी-7 समिट में मैंने कहा था कि आज के ग्लोबल उथल-पुथल के माहौल में, आपसी भरोसा हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है. मुझे गर्व है कि भारत-जापान साझेदारी इस कसौटी पर खरी उतरी है.”

पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वतंत्र, खुशहाल और नियमों पर आधारित हिंद-प्रशांत India और जापान की साझा प्राथमिकता है और दोनों देशों ने कई पहल शुरू की हैं जो पूरे क्षेत्र में स्थिरता और खुशहाली के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेंगी.

उन्होंने कहा, “आज India और जापान दोनों दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से हैं. एक स्वतंत्र, खुशहाल और नियमों पर आधारित हिंद-प्रशांत हमारी साझा प्राथमिकता है. इस इलाके के सबसे बड़े लोकतंत्र और मार्केट इकॉनमी के तौर पर हमने आज कई जरूरी पहल की शुरुआत की है. हम सब मिलकर पूरे इलाके में स्थिरता और खुशहाली के लिए एक मजबूत नींव रखेंगे.”

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