
New Delhi, 5 मई . India के Prime Minister Narendra Modi ने संयुक्त अरब अमीरात के पोर्ट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और यूएई के लिए अपना समर्थन जताया. यूएई पर हुए इस हमले में तीन भारतीय घायल हो गए. वहीं दुनिया के अन्य शीर्ष नेताओं ने भी यूएई पर हुए इन हमलों की निंदा की है.
पीएम मोदी ने कहा, “यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए. आम लोगों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना मंजूर नहीं है. India यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है और बातचीत और कूटनीति के जरिए सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है. होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और बिना रुकावट के नेविगेशन सुनिश्चित करना, इलाके में शांति, स्थिरता और ग्लोबल ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है.”
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने एक्स पर लिखा, “ईरान के नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर गलत मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद मुहम्मद बिन जायद और संयुक्त अरब अमीरात के लोगों के साथ पूरी एकजुटता है. संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का ये उल्लंघन मंजूर नहीं है और इसे रोकना होगा. ईरान को मिडिल ईस्ट में सीजफायर बनाए रखने के लिए बातचीत करनी चाहिए.”
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस घटना को लेकर कहा, “संयुक्त अरब अमीरात एक बार फिर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का निशाना बना है. हम इन हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. हमारी एकजुटता संयुक्त अरब अमीरात के लोगों और इस क्षेत्र में हमारे साझेदारों के साथ है.”
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, “तेहरान को बातचीत की टेबल पर वापस आना चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी खत्म होनी चाहिए. तेहरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं मिलना चाहिए. हमारे साझेदारों के खिलाफ आगे कोई धमकी या हमला नहीं होना चाहिए.”
कनाडा के Prime Minister मार्क कार्नी ने कहा, “कनाडा, ईरान के बिना उकसावे के संयुक्त अरब अमीरात पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करता है. हम मुहम्मद बिन जायद और यूएई के लोगों के साथ खड़े हैं. हम आम लोगों और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए किए गए बचाव के प्रयासों की सराहना करते हैं. कनाडा इस इलाके में तनाव कम करने और डिप्लोमेसी की अपनी अपील दोहराता है.”
ब्रिटेन के Prime Minister कीर स्टार्मर ने यूएई पर हमले के लिए ईरान की आलोचना की और कहा कि वह खाड़ी में अपने साझेदारों की रक्षा का समर्थन करते रहेंगे. उन्होंने कहा, “यह तनाव खत्म होना चाहिए. ईरान को मिडिल ईस्ट में सीजफायर बनाए रखने और लंबे समय का डिप्लोमैटिक समाधान निकालने के लिए सही बातचीत में शामिल होना चाहिए.”
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एएस
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