पीएम मोदी ने हावड़ा में कहा, टीएमसी लूट रही पश्चिम बंगाल की संपत्ति

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कोलकाता, 12 मई . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस, वाम दल और तृणमूल कांग्रेस पर वर्षों तक पश्चिम बंगाल को ”लूटकर” राज्‍य की हालत खराब करने का आरोप लगाया.

पीएम ने विपक्षी दलों पर अपने फायदे के लिए राज्य की संपत्ति लूटने का आरोप लगाया और बंगाल के विकास के लिए 2024 के चुनावों के महत्व पर प्रकाश डाला.

प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा उम्मीदवार रथिन चक्रवर्ती के समर्थन में हावड़ा लोकसभा क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, “अगर आप कांग्रेस की पुश्तैनी राजनीति और वाम दलों की प्रताड़ना को जोड़ दें, तो तृणमूल कांग्रेस बनती है. हावड़ा कभी पश्चिम बंगाल का संपन्न औद्योगिक क्षेत्र था. पहले वामपंथियों और फिर तृणमूल ने उद्योगपतियों को यहां से भगाया.”

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेता हिंसा की साजिश रचने में लगे हुए हैं और सत्तारूढ़ दल द्वारा समर्थित गुंडे राज्य के विभिन्न हिस्सों में जबरदस्ती जमीन हड़प रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा, “यह सब राज्य सरकार के सीधे प्रोत्साहन के कारण हो रहा है. विपक्षी इंडी गठबंधन के सभी सहयोगियों का सामान्य सिंड्रोम भ्रष्टाचार है. तृणमूल कांग्रेस एक ऐसी ताकत है जो भ्रष्टाचार को खुलेआम बढ़ावा देती है.”

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर राज्य के लॉटरी घोटाले में सीधे तौर पर शामिल होने का भी आरोप लगाया.

पीएम मोदी ने कहा, “अब समय आ गया है कि पश्चिम बंगाल के लोग तृणमूल कांग्रेस को दंडित करें. मुझे यकीन है कि आप उन्हें दंडित करेंगे और उन्हें पूरी तरह से उखाड़ फेंकेंगे. तृणमूल कांग्रेस अभी भी संदेशखाली के आरोपियों के पक्ष में बल्लेबाजी कर रही है और उनके साथ तुष्‍टीकरण की प्रतिस्पर्धा में लगी हुई है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह पारंपरिक राजनीतिक दृष्टिकोण को बदलने में सक्षम हैं, जहां पार्टियां और नेता निर्वाचित होने के बाद आम लोगों को भूल जाते थे.

उन्‍होंने कहा, “पहले पार्टियां और नेता चुने जाने के बाद आम लोगों को भूल जाते थे. वे मतदाताओं को पहचानने से भी इनकार कर देते थे, लेकिन मैं इस दृष्टिकोण को काफी हद तक बदलने में सक्षम हूं.”

पीएम मोदी ने कहा, “आज केंद्र की भाजपा सरकार देश के हर नागरिक के दरवाजे तक पहुंच रही है. और इसीलिए, बंगाल के करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है, ताकि किसी गरीब मां को अपने बच्चों को भूखा न देखना पड़े.”

एसजीके/