
New Delhi, 15 अगस्त . लाल किले की प्राचीर से अपना स्वतंत्रता दिवस संबोधन समाप्त करने के कुछ ही क्षण बाद Prime Minister Narendra Modi ने जो किया, उसने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को बच्चों और युवाओं के लिए यादगार बना दिया.
औपचारिक समारोह संपन्न होने के बाद Prime Minister Narendra Modi स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों के बीच पहुंचे, जिससे वहां मौजूद युवा प्रतिभागियों में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई.
इस दौरान जब एक छोटी बच्ची Prime Minister Narendra Modi के प्रति आदर व्यक्त करते हुए चरण स्पर्श करने के लिए झुकी तो सिर पर लगी उसकी टोपी जमीन पर जा गिरी. Prime Minister ने बिना किसी संकोच के झुककर टोपी उठाई और प्यार से बच्ची के सिर पर पहना दी. उनके इस सहज और विनम्र व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी.
कार्यक्रम के बाद Prime Minister ने एक बार फिर परंपरागत प्रोटोकॉल से हटकर युवाओं के बीच पहुंचने का फैसला किया. उन्होंने अपने काफिले को रुकवाया और स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेटों तथा ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों के बैठने वाले हिस्से तक पैदल पहुंचे. वहां उन्होंने युवाओं से हाथ मिलाया, उनसे संक्षिप्त बातचीत की और उन्हें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. Prime Minister से इतनी नजदीक से मिलने का मौका पाकर बच्चे और युवा बेहद उत्साहित नजर आए.
बच्चों और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. बाद में कई बच्चों ने मीडिया से बातचीत में इस अनुभव को रोमांचक और जीवनभर याद रहने वाला पल बताया. Prime Minister का यह संवाद उनके स्वतंत्रता दिवस संबोधन की युवा-केंद्रित सोच के अनुरूप भी रहा, जिसमें उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, देशव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान और एक करोड़ जेन-जी युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा सेमीकंडक्टर तकनीक का प्रशिक्षण देने जैसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों की घोषणा की.
लाल किले के भव्य समारोह के बीच युवाओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर Prime Minister मोदी ने एक औपचारिक राष्ट्रीय आयोजन को भावनात्मक और मानवीय स्पर्श दिया. उनके इस आत्मीय व्यवहार ने न केवल वहां मौजूद बच्चों और युवाओं को उत्साहित किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि देश की नई पीढ़ी India के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है.
–
एसएचके/
Skip to content