
ऑकलैंड, 11 जुलाई . ऑकलैंड में भारतीय प्रवासियों के एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए Prime Minister Narendra Modi ने अपनी पहली न्यूजीलैंड यात्रा को याद किया. उन्होंने बताया कि उस दौरे की एक खास चीज आज वो न्यूजीलैंड लेकर पहुंचे हैं.
न्यूजीलैंड के Prime Minister क्रिस्टोफर लक्सन के साथ ‘किआ ओरा मोदी’ नाम से आयोजित भव्य भारतीय प्रवासी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Prime Minister मोदी ने कहा कि वह अपने साथ 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आए हैं. उन्होंने कहा कि 40 वर्षों बाद न्यूजीलैंड का दौरा करने वाले पहले भारतीय Prime Minister बनना उनके लिए “सौभाग्य” की बात है.
Prime Minister मोदी ने कहा, “लगभग 25-30 साल पहले, जब मैं किसी Government का हिस्सा नहीं था और सार्वजनिक जीवन में मुझे बहुत कम लोग जानते थे, तब मुझे न्यूजीलैंड आने का अवसर मिला था. उस समय किसी ने मुझे तीन चीजें दी थीं- एक मफलर, एक टोपी और एक दस्ताना. आज मैं उन चीजों में से एक चीज अपने साथ इस कार्यक्रम में लेकर आया हूं… यह मफलर, जिसे मैंने अपने पास संभालकर रखा है और इन वर्षों में कई बार इस्तेमाल किया है.”
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में ठंड होने की जानकारी मिलने के बाद वह इस मफलर को विशेष रूप से अपने साथ लेकर आए. उन्होंने कहा, “मैं इसकी देखभाल उसी तरह करता हूं, जैसे मैं आपके मेरे प्रति प्यार की देखभाल करता हूं.” Prime Minister के इस भावुक संबोधन पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं.
Friday को भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भी Prime Minister मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया था और वर्ष 2001 में उनकी न्यूजीलैंड यात्रा को याद किया था. उस समय Prime Minister मोदी ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर विशेष जोर दिया था.
न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के सदस्य दिनेश पाहुजा ने social media मंच एक्स पर सक्रिय ‘मोदी स्टोरी’ के साथ बातचीत में Prime Minister मोदी की उस पुरानी यात्रा की यादें साझा कीं. यह मंच Prime Minister Narendra Modi के प्रेरणादायक जीवन सफर से जुड़े किस्सों को साझा करता है.
पाहुजा ने बताया कि Gujarat के Chief Minister बनने से पहले हुई उस यात्रा के दौरान Prime Minister मोदी ने एक Gujaratी स्कूल का दौरा किया था और वहां बच्चों को दिए जा रहे भारतीय मूल्यों और संस्कृति की शिक्षा के बारे में जानकारी ली थी.
उन्होंने कहा, “यहां एक Gujaratी स्कूल शुरू किया गया था, जहां छोटे बच्चों को भाषा सिखाने का काम किया जाता था. जब मोदी जी वहां गए तो उन्होंने पूछा कि क्या यहां केवल भाषा सिखाई जाती है या भारतीय मूल्यों और संस्कृति के बारे में भी चर्चा की जाती है?”
पाहुजा के अनुसार, जब Prime Minister मोदी को पता चला कि स्कूल में केवल भाषा सीखने पर जोर दिया जाता है, तो उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी मातृभूमि से जुड़े रखने और India में हो रहे विकास को समझने के लिए भारतीय संस्कृति की जानकारी देना भी जरूरी है.
उन्होंने कहा, “मोदी जी ने कहा कि इस Gujaratी स्कूल के माध्यम से हम बच्चों को अपनी मातृभूमि से जोड़े रख सकते हैं और उन्हें अपनी संस्कृति का ज्ञान दे सकते हैं. इससे उन्हें India को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी.”
‘मोदी स्टोरी’ ने एक्स पर लिखा, “मनुकाऊ इंडियन एसोसिएशन द्वारा संचालित Gujaratी स्कूल का दौरा करते हुए मोदी जी ने पाठ्यक्रम में सांस्कृतिक मूल्यों और विरासत को शामिल करने का सुझाव दिया था. उनका उद्देश्य था कि बच्चे केवल भाषा न सीखें, बल्कि अपनी भारतीय जड़ों और मूल्यों से गर्व के साथ जुड़े रहें.”
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केआर/
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