पीएम मोदी ने लॉन्च किया 100 लाख करोड़ का मास्टर प्लान

नई दिल्ली (New Delhi) . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बुधवार (Wednesday) को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए समग्र योजना को संस्थागत रूप देकर विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के मुद्दे के समाधान को लेकर पीएम गतिशक्ति- राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत की. देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 100 लाख करोड़ रुपये की गतिशक्ति योजना से लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इतना ही नहीं, यह योजना प्रधानमंत्री मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दृष्टि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस प्लान का मकसद महत्वाकांक्षी रूप से 1.5 ट्रिलियन डॉलर (Dollar) की राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के तहत परियोजनाओं को अधिक शक्ति व गति देने और 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था प्राप्त करने के लक्ष्य को बढ़ावा देना है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा हम अगले 25 वर्षों के लिए नींव रख रहे हैं. यह राष्ट्रीय मास्टर प्लान 21वीं सदी की विकास योजनाओं को ‘गतिशक्ति’ देगा और इन योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने 15 अगस्त को गति शक्ति योजना का ऐलान किया था. बता दें कि इससे पहले इसे देश के बुनियादी ढांचे के परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा था कि गतिशक्ति परियोजना विभागीय रुकावटों को खत्म कर देगी और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में हितधारकों के लिए समग्र योजना को संस्थागत रूप देगी. महाअष्टमी के पावन अवसर नई दिल्ली (New Delhi) के प्रगति मैदान में सुबह 11 बजे पीएम ‘गति शक्ति’ लॉन्च इवेंट हुआ. लॉन्चिंग इवेंट में मौजूद प्रधानमंत्री मोदी ने रिमोट बटन दबाकर योजना की शुरुआत करने से पहले गति शक्ति मास्टर प्लान और प्रगति मैदान में नए प्रदर्शनी परिसर के मॉडल की समीक्षा की. महत्वाकांक्षी योजना में 16 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा नियोजित और शुरू की गई ढांचागत पहलों को एकजुट करने के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल की परिकल्पना की गई है. विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी सहित कई मुद्दों से देश में दशकों से बुनियादी ढांचे का निर्माण प्रभावित हुआ, पीएमओ ने भूमिगत केबल बिछाने, गैस पाइपलाइन जैसी गतिविधियों के लिए अन्य एजेंसियों द्वारा खोदी जा रही नव-निर्मित सड़कों का उदाहरण दिया. पीएमओ ने कहा, ”इससे न केवल बड़ी असुविधा होती है बल्कि यह एक फिजूलखर्ची भी है.

” साथ ही कहा कि समन्वय में सुधार के लिए उपाय किए गए हैं. अलग से योजना बनाने और डिजाइन करने के बजाय परियोजनाओं को अब एक सामान्य दृष्टि से डिजाइन और निष्पादित किया जाएगा और इसमें भारतमाला, सागरमाला और अंतरदेशीय जलमार्ग जैसे विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों की बुनियादी ढांचा योजनाएं शामिल होंगी. पीएमओ ने कहा कि टेक्सटाइल क्लस्टर, फार्मास्युटिकल क्लस्टर, रक्षा गलियारा, इलेक्ट्रॉनिक पार्क, औद्योगिक गलियारा, फिशिंग क्लस्टर और एग्री जोन जैसे आर्थिक क्षेत्रों को कनेक्टिविटी में सुधार और भारतीय व्यवसायों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कवर किया जाएगा. मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी लोगों, वस्तुओं और सेवाओं के परिवहन के एक साधन से दूसरे मोड में आवाजाही के लिए एकीकृत और निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी. यह बुनियादी ढांचे की अंतिम गंतव्य कनेक्टिविटी की सुविधा और लोगों के लिए यात्रा के समय को भी कम करने में सहायक होगी. यह आगामी कनेक्टिविटी परियोजनाओं, अन्य व्यावसायिक केंद्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास के वातावरण के बारे में लोगों और व्यावसायिक समुदाय की जानकारी प्रदान करेगी. निवेशकों को उपयुक्त स्थानों पर अपने व्यवसाय की योजना बनाने में भी मदद मिलेगी.

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