
New Delhi, 6 मई . Prime Minister Narendra Modi एक ऐसा India बना रहे हैं जो अपनी संस्कृति और सभ्यता की जड़ों से जुड़े रहते हुए तेजी से आधुनिक बने, न कि पूरी तरह पश्चिमी मॉडल को अपनाए. यह बात नॉर्वे के राजनयिक एरिक सोल्हेम ने Wednesday को कही.
नॉर्वे के पूर्व जलवायु और पर्यावरण मंत्री भी रह चुके सोल्हेम ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि पीएम मोदी एक ऐसे India की कल्पना करते हैं जो तेजी से आगे बढ़े, लेकिन अपनी परंपरा और विरासत से जुड़ा रहे, न कि पश्चिम की नकल करे.
उन्होंने कहा, “Prime Minister मोदी India को बहुत तेजी से आधुनिक बनाना चाहते हैं, लेकिन वे देश को पश्चिमी नहीं बनाना चाहते. वे चाहते हैं कि भविष्य का महान India अपनी इतिहास और विरासत पर आधारित हो.”
सोल्हेम ने कहा कि पश्चिमी मीडिया अक्सर पीएम मोदी को नकारात्मक तरीके से दिखाता है, क्योंकि उन्हें भारतीय समाज में संस्कृति और धर्म की भूमिका ठीक से समझ नहीं आती.
उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्थाएं धर्म और संस्कृति को शक की नजर से देखती हैं, जबकि India में यही चीजें लोगों की ताकत और पहचान होती हैं.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का यह तरीका है कि India का भविष्य उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों पर बनाया जाए, जो काफी हद तक हिंदू धर्म से जुड़ी हैं.
सोल्हेम के मुताबिक, यह मॉडल विकास का एक अलग रास्ता दिखाता है, जिसमें आधुनिकता और परंपरा दोनों का संतुलन बना रहता है.
उन्होंने राजनीति के बारे में बात करते हुए विपक्षी नेताओं पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि ध्यान चुनावी नतीजों पर होना चाहिए.
उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में भाजपा के प्रदर्शन का जिक्र किया, साथ ही तमिलनाडु में Actor से नेता बने विजय के उभार को भी एक अहम घटना बताया.
India की वैश्विक स्थिति पर बात करते हुए सोल्हेम ने कहा कि देश ने ज्यादातर समय शांतिपूर्ण विकास का रास्ता अपनाया है. उन्होंने Pakistan के साथ हुए छोटे से संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि उसे जल्दी ही शांत कर दिया गया.
उन्होंने कहा कि India किसी बड़े युद्ध में नहीं रहा है, सिर्फ Pakistan के साथ एक छोटा सा संघर्ष हुआ था, जिसे Prime Minister मोदी ने कुछ ही दिनों में खत्म कर दिया. यह एक ऐसा उदाहरण है जिससे दूसरे देश सीख सकते हैं.
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एवाई/डीकेपी
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