
New Delhi, 7 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने Friday सुबह अपने आवास पर एनडीए के सांसदों से मुलाकात की, जिसमें एनसीपीआई में शामिल हुए बागी तृणमूल कांग्रेस के सांसद और एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए शिवसेना (यूबीटी) के सांसद शामिल थे. एनसीपीआई की सांसद शताब्दी रॉय ने बैठक के बारे में बताया कि Prime Minister ने सभी से गर्मजोशी से बातचीत की और संसदीय जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की.
संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए शताब्दी रॉय ने कहा, “Prime Minister ने सभी से गर्मजोशी से बातचीत की और विस्तार से चर्चा की. हम सबने साथ बैठकर चाय पी और उन्होंने सभी से कहा कि उनका योगदान महत्वपूर्ण है. उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए क्या योजना बना रहे हैं और कैसे काम कर रहे हैं. हमारे सभी सांसद वहां मौजूद थे.”
यह निमंत्रण एनडीए में नए शामिल हुए Lok Sabha सांसदों को दिया गया था, जिसमें एनसीपआई के सदस्य भी शामिल थे. ये वे बागी तृणमूल कांग्रेस सांसद हैं, जो एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं और एनडीए को समर्थन दे रहे हैं.
इस बैठक में उन Lok Sabha सांसदों को भी बुलाया गया था, जो हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) से अलग होकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए थे.
यह बातचीत Prime Minister की सांसदों के साथ चल रही मुलाकातों का हिस्सा थी. इसका मकसद सत्ताधारी गठबंधन के बीच तालमेल को बेहतर बनाना और संसदीय कामकाज में अधिक भागीदारी को बढ़ावा देना था. इस बैठक से सांसदों को अपने विचार साझा करने और शासन, विकास तथा जन-कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का मौका मिला.
यह बैठक तब हुई जब Prime Minister मोदी ने Wednesday को संसद के मानसून सत्र के दौरान सांसदों से लगातार संपर्क बनाए रखने के तहत अपने सरकारी आवास पर भारतीय जनता पार्टी के 37 सांसदों के साथ नाश्ते पर बातचीत की थी.
यह अनौपचारिक बैठक शासन और संसदीय मामलों पर चर्चा करने और साथ ही पार्टी और उसके सहयोगियों के बीच तालमेल को मजबूत करने के लिए आयोजित की गई थी.
सूत्रों के अनुसार, Prime Minister ने सांसदों के साथ अपने निजी अनुभव साझा किए और कई मुद्दों पर अनौपचारिक बातचीत की.
Wednesday की बैठक में मौजूद लोगों में एनसीपीआई गठबंधन से जुड़े BJP MP, भाजपा में शामिल पूर्व आप नेता, वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण चुघ, विनोद तावड़े और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल थे.
बातचीत के दौरान, Prime Minister मोदी ने सांसदों को “दिल्ली के नैरेटिव के जाल” में न फंसने और विपक्ष के सदस्यों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की सलाह भी दी.
संसदीय कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए Prime Minister ने सांसदों से आग्रह किया कि वे अपने समय का सदुपयोग “सीखने” और “देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करने” में करें.
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ओपी/पीएम
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