केरल: त्रिशूर पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट पर पीएम मोदी ने जताया दुख, आर्थिक सहायता का ऐलान

New Delhi, 21 अप्रैल . केरल के त्रिशूर जिले स्थित मुंडथिक्कोडु इलाके में Tuesday को एक पटाखा निर्माण यूनिट में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए. पीएम मोदी ने इस घटना पर दुःख व्यक्त किया और मुआवजे का ऐलान किया है. वहीं, सीएम पिनाराई विजयन ने सभी सरकारी विभागों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है.

पीएमओ की तरफ से social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया गया कि Prime Minister Narendra Modi ने इस घटना को लेकर दुःख व्यक्त किया है. Prime Minister ने कहा कि केरल के त्रिशूर स्थित एक पटाखा कारखाने में हुई दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ. मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.

इसके साथ ही Prime Minister ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है. पीएमओ की तरफ दी गई जानकारी के अनुसार, प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे.

वहीं, Chief Minister पिनाराई विजयन ने त्रिशूर में पटाखों के विस्फोट के बाद चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सभी सरकारी विभागों को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है. उन्होंने मुख्य सचिव से बात की और स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि यदि आवश्यक हो तो झुलसे पीड़ितों के उपचार के लिए राज्य के बाहर से विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाया जाए.

Chief Minister ने मृतकों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की. Police, अग्निशमन एवं बचाव, स्वास्थ्य, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभागों के समन्वय से एक विशेष निगरानी प्रणाली के तहत बचाव अभियान जारी है.

वहीं, कांग्रेस सांसद और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इस घटना पर दुःख व्यक्त किया. उन्होंने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि त्रिशूर में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की खबर सुनकर मैं स्तब्ध हूं, जो पूरम उत्सव से कुछ ही दिन पहले हुआ है. कई लोगों की मृत्यु की खबर सुनकर मैं बेहद दुखी हूं. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं.

उन्होंने आगे कहा कि Government को बचाव कार्यों के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए और सभी घायलों को जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की जानी चाहिए.

एएमटी/डीकेपी