
रोम, 16 जुलाई . इटली में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो कथित सांस्कृतिक या धार्मिक वजहों के नाम पर एक महिला की आजादी, उनका सम्मान और उनके अस्तित्व को नकारने की मंशा रखते हैं. इसका ताजा उदाहराण Pakistan मूल की 18 साल की समन अब्बास की हत्या के मामले में कोर्ट के फैसले के दौरान देखने को मिला. इटली की Prime Minister जॉर्जिया मेलोनी ने भी इस मामले में कोर्ट के फैसले का स्वागत किया.
इटली की Prime Minister मेलोनी ने Pakistan मूल की समन अब्बास की उसके माता-पिता द्वारा की गई हत्या के मामले में कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मेलोनी ने लिखा, “समन अब्बास की हत्या के आखिरी फैसले के साथ, एक दर्दनाक कानूनी कहानी खत्म हो गई है. इटली में Pakistanी मूल की एक जवान लड़की समन को उसके माता-पिता और कुछ रिश्तेदारों ने मार डाला, क्योंकि उसने जबरदस्ती शादी का विरोध किया था और अपना भविष्य खुद चुनने के अपने अधिकार पर जोर दिया था.”
उन्होंने लिखा कि कोई भी फैसला उसकी जिंदगी वापस नहीं ला सकता, लेकिन यह सही है कि इस जुर्म के लिए जिम्मेदार लोगों को दोषी ठहराया गया है.
Prime Minister मेलोनी ने शख्त हिदायत देते हुए कहा, “इटली में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो तथाकथित सांस्कृतिक या धार्मिक वजहों के नाम पर एक महिला की आजादी, इज्जत और जिंदगी को नकारने की हिम्मत करते हैं. ये ऐसे सिद्धांत हैं जिनसे कोई समझौता नहीं हो सकता और जिनसे हम कभी पीछे नहीं हटेंगे. मेरी संवेदनाएं समन के साथ हैं. भगवान उन्हें शांति दे.”
बता दें, समन अब्बास इटली में रहने वाली 18 साल की Pakistanी मूल की लड़की थी. समन के परिवार ने 2021 में उसकी ऑनर किलिंग (सम्मान के नाम पर हत्या) कर दी थी. मृतिका के परिवार ने Pakistan में उसकी मर्जी के बिना शादी तय कर दी. समन को ये मंजूर नहीं था और वह लगातार इस शादी का विरोध करती रही. इस विरोध का अंजाम उसकी मौत थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, समन के परिवार ने उसकी शादी Pakistan में उसके चचेरे भाई के साथ तय की थी. इस दौरान समन नाबालिग थीं और उन्होंने शादी से इनकार करने के बाद इटली में सोशल सर्विस डिपार्टमेंट से मदद मांगी. नवंबर 2020 में उन्हें एक शेल्टर होम भेज दिया गया था.
उन्होंने अपने माता-पिता के खिलाफ Police में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन 11 अप्रैल 2021 को वह दोबारा अपने परिवार के पास लौट गईं. साइप्रस मेल की रिपोर्ट के अनुसार, समन अप्रैल 2021 से लापता थी. Police ने घर के पास वाले cctv फुटेज को खंगाला, जिसमें पांच लोग घर से फावड़े, लोहे की रॉड और एक बाल्टी लेकर जाते हुए दिखाई दिए और करीब ढाई घंटे बाद वे वापस लौटे.
लगभग एक साल से ज्यादा का समय बीतने के बाद, नवंबर 2022 में मृतिका के शरीर के कुछ अवशेष इटली के नोवेल्लारा शहर में उसके घर के पास से मिले. जांच करने वाली टीम ने डेंटल रिकॉर्ड्स के आधार पर समन के शव की पहचान की.
इसके बाद 2023 में Prime Minister मेलोनी ने कहा था कि पीड़िता की पहचान को लेकर कोई संदेह नहीं रह गया है. उस निर्दोष लड़की को न्याय मिले, जो सिर्फ अपनी आजादी के साथ जिंदगी जीना चाहती थी.
इटली की सर्वोच्च अपीलीय अदालत, Supreme Court ऑफ कैसेशन ने अब्बास के माता-पिता नाजिया शाहीन और शब्बर अब्बास, उसके चचेरे भाइयों इजाज इकराम और नोमानुल हक को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा बरकरार रखी. अदालत ने उसके चाचा दानिश हसनैन की 22 साल की जेल की सजा भी कायम रखी.
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पीएम
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