
गांधीनगर, 17 जून . Gujarat Government Ahmedabad मेडिसिटी में एक वर्ल्ड-क्लास स्पाइन इंस्टीट्यूट, स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर और रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाने जा रही है, जिसकी लागत करीब 295 करोड़ रुपए होगी. इस सुविधा से स्पाइन केयर और स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र में स्पेशलाइज्ड इलाज, रिहैबिलिटेशन, शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
Wednesday को गांधीनगर में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई. इस मीटिंग में सरकारी स्पाइन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. पीयूष मित्तल, स्वास्थ्य विभाग के सीनियर अधिकारी और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) के अधिकारी शामिल हुए.
प्रोजेक्ट की घोषणा करते हुए पानशेरिया ने कहा कि इस इंस्टीट्यूट को Gujarat में स्पाइन से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते बोझ को कम करने और राज्य को बड़े इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स से जुड़ी भविष्य की हेल्थकेयर जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार करने के मकसद से बनाया जा रहा है.
उन्होंने कहा, “Prime Minister Narendra Modi की कोशिशों से Gujarat 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में ओलंपिक गेम्स की मेजबानी करने की कोशिश कर रहा है. यह इंस्टीट्यूट राज्य के एथलीट्स के लिए वरदान साबित होगा, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होगा कि वर्ल्ड-क्लास मेडिकल और रिहैबिलिटेशन सुविधाएं Gujarat में ही उपलब्ध हों. हमारा मकसद सिर्फ इलाज देना नहीं है, बल्कि Gujarat को स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्पाइन केयर का एक ग्लोबल हब बनाना है जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो.”
मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में स्पाइन से जुड़ी बीमारियों और स्पोर्ट्स से जुड़ी चोटों की जांच, इलाज और रिहैबिलिटेशन के लिए जरूरी सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही जगह पर मिलेंगी. इस इंस्टीट्यूट में जटिल स्पाइन सर्जरी, एक डेडिकेटेड स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर और एक वर्ल्ड-क्लास रिहैबिलिटेशन सेंटर की सुविधाएं शामिल होंगी.
इस प्रोजेक्ट में मजबूत एकेडमिक और रिसर्च का पहलू भी शामिल होगा. मंत्री के अनुसार, सुपर-स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग देने के लिए इस कॉम्प्लेक्स में एडवांस्ड एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर वाले कॉलेज बनाए जाएंगे. स्पाइन केयर और स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र में वर्ल्ड-क्लास रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए खास इंतजाम किए जाएंगे, जिससे India और विदेश के एक्सपर्ट्स को अपना ज्ञान और सेवाएं देने का मौका मिलेगा.
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आरएसजी
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