ममता बनर्जी के शासन, भ्रष्टाचार और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकजुट हुए लोगः राहुल सिन्हा

कोलकाता, 5 मई . टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि ‘हराई गई’ है. चुनाव आयोग ने पूरे चुनाव में पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाई. ममता बनर्जी के इस बयान और भाजपा की जीत पर भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दीं.

BJP MP राहुल सिन्हा ने से बातचीत में कहा, “लोग ममता बनर्जी के शासन, भ्रष्टाचार और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ एकजुट हुए हैं. यह चुनाव एक अभूतपूर्व क्षण है, जो दर्शाता है कि बदलाव तभी संभव है जब लोग एकजुट हों. बंगाल के विकास और प्रगति को लेकर नया भरोसा जागा है और Prime Minister का सपना साकार होगा.”

ममता बनर्जी के वोट चोरी करने के आरोप पर राहुल सिन्हा ने कहा, “वे चोर हैं, उनकी पार्टी चोरों की है, इसलिए वे बिना सबूत के दूसरों पर आरोप लगाती हैं. उन्हें हार को शालीनता से स्वीकार करना चाहिए. बंगाल में हुई तबाही और हिंसा को देखते हुए ममता बनर्जी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय आत्मनिरीक्षण करना चाहिए.”

ममता बनर्जी पर लगे मतदान में हेराफेरी के आरोपों पर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने कहा, “हारने वाले को बचने का बहाना चाहिए होता है. ममता बनर्जी अपनी हार और नाकामी को छिपाने के लिए ऐसे ही बहाने दे रही हैं. ममता बनर्जी के शासन में जिस तरह कुशासन रहा और विशेषकर 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद जिस तरह अशांति फैली, उससे Political हिंसा बढ़ गई. मानवाधिकार आयोग ने चिंता जताई और उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने भी चिंता व्यक्त की. बंगाल के लोग व्यथित थे. Prime Minister के नेतृत्व में बंगाल के युवाओं और महिलाओं के विकास के लिए एक नई दिशा दिखाई गई है. वर्तमान भारी जनादेश सभी पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और Prime Minister एवं गृह मंत्री के नेतृत्व का परिणाम है.”

वहीं, दिल्ली में भाजपा नेता कैलाश चौधरी ने कहा, “निश्चित रूप से बंगाल की जनता ने भारतीय जनता पार्टी पर अपना भरोसा दिखाया है. इस बार चुनाव राष्ट्रवाद के नारे पर लड़ा गया और जनता ने भाजपा और हिंदुत्व के पक्ष में मतदान किया. Prime Minister Narendra Modi की डबल इंजन वाली Government के साथ विकास होगा. यह सिर्फ बंगाल में ही नहीं था. हर जगह लोगों ने दीपावली और होली की तरह जश्न मनाया. मेरा मानना ​​है कि इस जीत से भाजपा अगले 50 वर्षों तक वहां सत्ता में बनी रहेगी.”

ओपी/डीकेपी