राहुल गांधी के कामकाज से खुश नहीं हैं लोग सर्वे में खुलासा

नई दिल्ली (New Delhi) . पांच राज्यों में आगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) से पहले एक सर्वे ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सहित पूरी पार्टी की चिंता बढ़ा दी होगी. इसका कारण है कि इन चुनावी राज्यों के अधिकांश लोग राहुल गांधी, जिन्हें अगले कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर देखा जा रहा है, के काम से खुश नहीं हैं. इस सर्वे में 40.5 प्रतिशत लोग राहुल गांधी के काम करने के तरीके से ‘बिल्कुल संतुष्ट नहीं’ हैं. हालांकि 18.5 प्रतिशत लोगों को उनका काम काफी अच्छा लगता है. इसके अलावा 20.2 प्रतिशत लोगों को लगता है कि राहुल एक हद तक ठीक काम कर रहे हैं. वहीं, 21 प्रतिशत लोगों को यह नहीं मालूम कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सही काम कर रहे हैं या फिर गलत. आपको बता दें कि इस सर्वे में 98 हजार के करीब लोगों ने हिस्सा लिया, जिसे 4 सितंबर से लेकर 4 अक्टूबर के बीच आयोजित किया गया था.

पांच राज्यों में आगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) से पहले एक सर्वे ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सहित पूरी पार्टी की चिंता बढ़ा दी होगी. इसका कारण है कि इन चुनावी राज्यों के अधिकांश लोग राहुल गांधी, जिन्हें अगले कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर देखा जा रहा है, के काम से खुश नहीं हैं. हम बात कर रहे हैं एबीपी-सीवोटर सर्वे का. इस सर्वे में 40.5 प्रतिशत लोग राहुल गांधी के काम करने के तरीके से ‘बिल्कुल संतुष्ट नहीं’ हैं. हालांकि 18.5 प्रतिशत लोगों को उनका काम काफी अच्छा लगता है. इसके अलावा 20.2 प्रतिशत लोगों को लगता है कि राहुल एक हद तक ठीक काम कर रहे हैं. वहीं, 21 प्रतिशत लोगों को यह नहीं मालूम कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सही काम कर रहे हैं या फिर गलत. आपको बता दें कि इस सर्वे में 98 हजार के करीब लोगों ने हिस्सा लिया, जिसे 4 सितंबर से लेकर 4 अक्टूबर के बीच आयोजित किया गया था. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी अगले साल विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) होने वाले हैं. सर्वे में यहां भारतीय जनता पार्टी जबरदस्त वापसी करती हुई दिख रही है. कांग्रेस भी लड़ाई के लिए तैयार है. इसलिए बिना समय गंवाए प्रियंका गांधी वाड्रा लखीमपुर में मृतक किसान परिवार के लोगों को सांत्वना देने के लिए पहुंच गई. सर्वे में शआमिल 50 हजार में से 46.2 प्रतिशत जनता का मामनना है राहुल गांधी का काम करने का तरीका ‘बिल्कुल संतुष्ट नहीं’ करने वाला है. वहीं, 13.3 प्रतिशत लोग उनके कामकाज से ‘काफी संतुष्ट’ हैं.

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