
पुणे, 24 जुलाई . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व Union Minister प्रकाश जावड़ेकर ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन, परीक्षा सुधार, संसद के गतिरोध और विपक्ष की राजनीति सहित कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन का पूरा अधिकार है, लेकिन वह पूरी तरह शांतिपूर्ण होना चाहिए. यदि प्रदर्शन में असामाजिक तत्व घुसकर हिंसा करते हैं और Police पर हमला करते हैं, तो कानून को अपना काम करना ही पड़ेगा.
जावड़ेकर ने से बात करते हुए कहा, “हालिया प्रदर्शन के दौरान करीब 110 Policeकर्मी घायल हुए, जो बेहद गंभीर विषय है. कुछ असामाजिक तत्व पूरी तैयारी के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए और Police पर हमला किया. छात्रों को हिंसा का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था से जुड़ी अव्यवस्था स्वीकार्य नहीं हो सकती.”
उन्होंने आंदोलनकारी सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक संकेत बताया. जावड़ेकर ने कहा, “केंद्र Government ने भरोसा दिलाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई First Information Report दर्ज नहीं की जाएगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत जारी है और विश्वास है कि संवाद के जरिए ही इस आंदोलन का समाधान निकलेगा.”
प्रदर्शन के पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका से जुड़े सवाल पर जावड़ेकर ने कहा, “यह पूरी तरह जांच का विषय है और कानून अपना काम करेगा. कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनमें बांग्लादेशी इस्लामिक लीग के समर्थन और कतर से भोजन के ऑर्डर जैसी बातें शामिल हैं, जो मामले को संदिग्ध बनाती हैं. इन सभी पहलुओं की जांच संबंधित एजेंसियां करेंगी.”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए जावड़ेकर ने कहा, “असली मुद्दा परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और पेपर लीक से मुक्त बनाना है. Government ने पेपर लीक की घटना के बाद री-नीट कराया, जिसमें लगभग 22 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया और किसी तरह की शिकायत सामने नहीं आई. इससे Government की निष्पक्ष परीक्षा कराने की प्रतिबद्धता साबित होती है.”
उन्होंने प्रस्तावित एंटी-पेपर लीक कानून का भी समर्थन किया और कहा, “Prime Minister ने छात्रों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया है कि पेपर लीक जैसे अपराधों पर कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून लाया जाएगा. साथ ही, ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण कदम होगी.”
संसद के मौजूदा गतिरोध पर जावड़ेकर ने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, “Government चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को भी संसद में बहस कर विधेयकों को पारित कराने में सहयोग करना चाहिए. संसद का कामकाज बाधित होने से देश का नुकसान होता है. विपक्ष केवल Political कारणों से सदन नहीं चलने दे रहा है.”
राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए जावड़ेकर ने कहा, “विपक्षी दलों के बीच Political प्रतिस्पर्धा अलग विषय है, लेकिन उसका असर संसद की कार्यवाही पर नहीं पड़ना चाहिए. युवा किसी के उकसावे में आने वाले नहीं हैं. युवा, महिलाएं और किसान Prime Minister के विकास के एजेंडे के साथ खड़े हैं क्योंकि Government देश को आगे बढ़ाने और विकसित India के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है.”
–
एससीएच/एबीएम
Skip to content