शांति, आपसी विश्वास और न्याय मणिपुर के विकास की नींव हैं: मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह

इंफाल, 15 अगस्त . मणिपुर के Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह ने Saturday को इस बात पर जोर दिया कि शांति विकास की नींव है. उन्होंने कहा कि स्थायी स्थिरता केवल आपसी विश्वास, न्याय, सम्मान और सभी समुदायों की भागीदारी से ही प्राप्त की जा सकती है.

इंफाल के प्रथम मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए Chief Minister ने Friday को कांगपोकपी जिले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना की कड़ी निंदा की, जिसमें दो नागा किसान मारे गए और दो अन्य घायल हो गए. उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आपसी विश्वास को फिर से मजबूत करने और शांतिपूर्वक एक साथ रहने की अपील की.

राज्य में शांति बहाल करने में केंद्र Government द्वारा दिए गए समर्थन को स्वीकार करते हुए Chief Minister सिंह ने लोगों से शांति, विकास और एक मजबूत मणिपुर के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया.

कार्यक्रम में कला और संस्कृति विभाग के चार समूहों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और Saturday को मणिपुर पत्रिका का एक विशेष अंक का विमोचन शामिल था.

India की स्वतंत्रता में योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और पूर्वजों के बलिदानों को याद करते हुए Chief Minister ने बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, नवाचार और समावेशी विकास में देश की प्रगति पर प्रकाश डाला.

उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और डिजिटल इंडिया के तहत शुरू की गई पहल रोजगार के अवसर पैदा कर रही हैं, घरेलू विनिर्माण को मजबूत कर रही हैं और सार्वजनिक सेवाओं और डिजिटल भुगतान तक पहुंच में सुधार कर रही हैं.

‘विकसित भारत’ के विजन का जिक्र करते हुए Chief Minister सिंह ने कहा कि लक्ष्य 2047 तक India को एक विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राष्ट्र बनाना है.

मणिपुर में विकास पहलों पर प्रकाश डालते हुए Chief Minister ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्य चल रहे हैं, जबकि मोबाइल मेडिकल यूनिट, पीएम-जनमान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं.

उन्होंने राज्य भर में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला.

ग्रामीण आजीविका और रोजगार के विषय पर Chief Minister ने कहा कि विकसित भारत—गारंटीशुदा रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत गारंटीकृत रोजगार 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक और मजदूरी 263 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए कर दी गई है.

उन्होंने औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई Prime Minister विकसित India रोजगार योजना पर भी प्रकाश डाला.

कृषि क्षेत्र में उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देने और मिट्टी की उर्वरता में सुधार लाने के लिए सीएसआईआर-एनईएसटी में जैव उर्वरक उत्पादन हेतु एक बायो-रिएक्टर इकाई स्थापित की गई है.

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