सोनम वांगचुक से मिले पवन खेड़ा; बोले-जान जोखिम में न डालें, यह सरकार लोकतांत्रिक विरोध नहीं सुनती

New Delhi, 17 जुलाई . दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से Friday को कांग्रेस राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सोनम वांगचुक और उनके साथ अनशन कर रहे अन्य साथियों से अपनी जान जोखिम में न डालने की अपील की.

पवन खेड़ा ने कहा कि Thursday को कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने भी social media के जरिए अपनी चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि एक असंवेदनशील Government के सामने विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे आंदोलनकारियों की जान पर बन आए.

पवन खेड़ा ने कहा, “आज मैं यही संदेश लेकर सोनम वांगचुक और उनके साथियों के पास आया हूं. मैंने उनसे कहा कि वे अपनी जान खतरे में न डालें, क्योंकि यह ऐसी Government नहीं है जो लोकतांत्रिक विरोध को सुनती हो और उस पर प्रतिक्रिया देती हो.”

इससे पहले Thursday को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी जंतर-मंतर पहुंचे थे. उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आंदोलन के मंच से देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत पर जोर दिया.

केजरीवाल ने अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को लेकर कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जब कोई छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा में बैठता है तो वह सिर्फ परीक्षा देने नहीं जाता, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की उम्मीद लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचता है. छात्र को भरोसा होता है कि उसकी मेहनत, लगन और प्रतिभा के आधार पर उसका भविष्य तय होगा, लेकिन लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं के इस विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है.

केजरीवाल ने कहा कि वह स्वयं आईआईटी से पढ़े हैं और उनके बच्चों ने भी प्रतियोगी परीक्षाएं दी हैं. उस समय इस तरह के पेपर लीक के मामले सामने नहीं आते थे, लेकिन आज की स्थिति बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से देश के युवाओं का मनोबल टूट रहा है और शिक्षा व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर पड़ता जा रहा है.

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