पट्टाली मक्कल काची ने तमिलनाडु सरकार से चुनावी वादे को पूरा करने का आग्रह किया

चेन्नई, 19 जुलाई . पीएमके अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने अधिकारियों और उद्योग जगत के कुछ वर्गों पर तमिलनाडु Government के एक बड़े चुनावी वादे को कमजोर करने का आरोप लगाया है. अंबुमणि उस वादे की बात कर रहे थे, जिसमें निजी कंपनियों को अधिक स्थानीय युवाओं को भर्ती करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई थी.

उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रतिबद्धता को कमजोर करने का कोई भी कदम सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के साथ विश्वासघात होगा.

Sunday को जारी एक बयान में अंबुमणि ने उन मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें दावा किया गया है कि अधिकारियों ने तमिलनाडु के लिए एक नई औद्योगिक नीति तैयार करने के लिए परामर्श शुरू कर दिया है.

रिपोर्टों के अनुसार, कुछ अधिकारियों और निजी उद्योग के प्रतिनिधियों ने निजी कंपनियों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में तमिलनाडु के युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित प्रस्तावों का विरोध किया है. अंबुमणि ने कहा कि यदि ये रिपोर्टें सही हैं, तो ऐसा विरोध बेहद निराशाजनक होगा और सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति राज्य की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के विपरीत होगा.

उन्होंने तर्क दिया कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्थानीय निवासियों, विशेषकर राज्य में नौकरी की तलाश कर रहे शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होने चाहिए.

पीएमके नेता ने तमिलनाडु में सत्ता संभालने से पहले सत्तारूढ़ टीडीपी Government द्वारा किए गए चुनावी वादे को भी याद दिलाया. पार्टी के घोषणापत्र में उन निजी कंपनियों को प्रोत्साहन देने का वादा किया गया था जो स्थानीय युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार देती हैं.

इस प्रस्ताव के तहत, जिन कंपनियों में कम से कम 75 प्रतिशत कर्मचारी तमिलनाडु के युवा होंगे, वे 2.5 प्रतिशत GST सब्सिडी और बिजली शुल्क पर 5 प्रतिशत सब्सिडी के लिए पात्र होंगी.

अंबुमनी ने कहा कि Government की जिम्मेदारी है कि वह इस वादे को बिना देरी किए लागू करे. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिबद्धता का सम्मान करने के बजाय, इस पहल को लागू होने से पहले ही रोकने का एक संगठित प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने आगे दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान Government के सार्वजनिक आश्वासन के बावजूद, कुछ अधिकारी और निवेशक इस नीति को आकार लेने से रोकने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से राज्य के हजारों योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिलेंगे.

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता बनाए रखने पर जोर देते हुए पीएमके नेता ने Government से निहित स्वार्थों के दबाव में न आने का आग्रह किया.

उन्होंने प्रशासन से नई औद्योगिक नीति को इस प्रकार तैयार करने का आह्वान किया जिससे तमिलनाडु के कार्यबल के हितों की रक्षा हो सके और साथ ही निवेश और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिले.

अंबुमनी ने दोहराया कि आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय एक दूसरे के पूरक होने चाहिए, और Government से आग्रह किया कि वह निजी क्षेत्र में तमिलनाडु के युवाओं की अधिक भर्ती को प्रोत्साहित करके अपने चुनावी वादे को पूरा करे.

एमएस/