पटना: कच्ची दरगाह–बिदुपुर गंगा सेतु परियोजना जुलाई के पहले सप्ताह तक होगी पूर्ण, विभाग के सचिव ने लिया जायजा

Patna, 7 जून . बिहार पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने Sunday को कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के निर्माण कार्य का जायजा लिया. इस दौरान बताया गया कि परियोजना का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है. बचे हुए कार्य को जुलाई के पहले सप्ताह तक पूर्ण कर लिया जाएगा.

बिहार के परिवहन बुनियादी ढांचे के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है, जो राजधानी Patna और उत्तर बिहार के बीच कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदल देगी.

विभाग के सचिव ने कार्य की गुणवत्ता की सराहना करते हुए निर्माण एजेंसी और परियोजना से जुड़े अभियंताओं को निर्देश दिए कि अंतिम चरण के कार्यों में कोई ढिलाई न बरती जाए. उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी तकनीकी मानकों का पालन करते हुए कार्य को जुलाई के पहले सप्ताह तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि आम जनता के लिए इस मार्ग को शीघ्र खोला जा सके.

Patna जिला अंतर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-30 पर अवस्थित कच्ची दरगाह एवं वैशाली जिला अंतर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-103 पर अवस्थित बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर कुल 19.76 किमी लंबाई के 6 लेन ग्रीनफील्ड पुल परियोजना का निर्माण किया जा रहा है. इसके अंतर्गत 9.76 किमी लंबा पुल तथा 10 किलोमीटर लंबा पहुंच पथों का निर्माण कार्य शामिल है.

इस परियोजना का भौतिक कार्य 98.1 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. वर्तमान में पुल पर फिनिशिंग कार्यों के साथ-साथ एक्सपेंशन जोइंट्स की स्ट्रेसिंग और अन्य तकनीकी कार्य चल रहे हैं.

बता दें कि प्रथम चरण में कच्ची दरगाह, Patna से राघोपुर दियारा, वैशाली (कुल लंबाई 4.57 किमी) का उद्घाटन किया जा चुका है. यह सिक्स-लेन पुल, जो कि Patna के सबलपुर को एनएच-103 (बिदुपुर) से जोड़ता है, Patna-बख्तियारपुर बाईपास (एनएच-30) से सीधे जुड़ा होगा.

सचिव ने कहा कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के पूर्ण होने से इस क्षेत्र के लोगों को राजधानी Patna से निर्बाध सड़क संचारिता मिलेगी. इस क्षेत्र में कृषि, उद्योग सहित अन्य व्यवसायों का और तेजी से विकास होगा.

बताया गया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल गंगा नदी को पार करने का एक और मार्ग मिलेगा, बल्कि हाजीपुर और समस्तीपुर की ओर जाने वाले यातायात भी सुगम होगा. इससे यात्रा समय में कमी आएगी और सिक्स लेन पुल बिदुपुर तक शुरू किए जाने के बाद गांधी सेतु पर दबाव कम होगा.

एमएनपी/एएसएच