
अयोध्या, 3 अगस्त . जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने Lok Sabha अध्यक्ष को पत्र लिखकर श्रीराम मंदिर विरोध पर चर्चा की मांग की है. उन्होंने कहा कि संत समाज जानना चाहता है कि सांसदों की मंशा क्या है.
परमहंस आचार्य ने यह पत्र बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद परिसर के अंदर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के नाटक प्रदर्शित करने के बाद दिया है. पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी दलों ने संसद सत्र के दौरान परिसर के भीतर विरोध प्रदर्शन किया था.
तपस्वी छावनी के प्रमुख जगतगुरु परमहंस आचार्य ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा, “हमने Monday को Lok Sabha स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र भेजा है. हमने यह मुद्दा उठाया है कि कैसे इंडिया गठबंधन के सांसदों ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, भगवा वस्त्र और सनातन धर्म का अपमान किया. भले ही आपको भारतीय संस्कृति या सनातन धर्म में विश्वास न हो, लेकिन जो लोग ऐसा विश्वास रखते हैं, आपको उनका अपमान नहीं करना चाहिए. इसके अलावा, सांसदों के तौर पर आपने संविधान को बनाए रखने की शपथ ली है. जब देश की सर्वोच्च अदालत ने एसआईटी का गठन किया है और जांच अभी चल रही है, पूरी भी नहीं हुई है, तो आपने जो सनातन-विरोधी ड्रामा किया, वह Supreme Court की अवमानना के बराबर है.”
उन्होंने कहा कि देश में न्यापालिका के प्रति अविश्वास प्रकट करने का काम किया गया है. विपक्षी दलों ने देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया है. इस मुद्दे पर सांसदों के विचारों को देश की जनता और संत समाज जानना चाहता है. इसी को लेकर हमने Lok Sabha स्पीकर को पत्र लिखा है. मैं आशा करता हूं कि स्पीकर पत्र का जवाब जरूर देंगे.
दरअसल, नाटक के दौरान Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों को दान पेटियों में पैसे डालते देखा गया. साधु के वेश में पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावे में चोरी को दर्शाने के लिए प्रतीकात्मक रूप से पैसे अपनी जेब में डाले. अयोध्या से Samajwadi Party के सांसद अवधेश प्रसाद भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.
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एएसएच/डीकेपी
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