संसद में एंटी-पेपर लीक बिल पर पप्पू यादव ने एनटीए पर उठाए सवाल, कहा-चेयरमैन को अब तक क्यों नहीं हटाया गया?

New Delhi, 29 जुलाई . संसद के मानसून सत्र में Wednesday को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. Lok Sabha में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एनटीए को लेकर सवाल उठाए.

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने Government पर निशाना साधते हुए कहा कि आरटीआई और ऑडिट को चोरी वाली सभी तरह की व्यवस्था से दूर कर दिया गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस पूरे मामले में जवाबदेही किसकी तय होगी?

उन्होंने कहा कि एनटीए के चेयरमैन को अब तक क्यों नहीं हटाया गया? पप्पू यादव ने दावा किया कि 2018 में जिन्हें एनटीए में लाया गया था, वे पहले Madhya Pradesh शिक्षा विभाग में बड़े पद पर थे. उन्होंने कहा कि “एक ही पदाधिकारी दुनिया में है.”

पप्पू यादव ने कहा कि हर साल 6 से 8 करोड़ फॉर्म भरे जाते हैं. उन्होंने सवाल किया कि इतना पैसा एनटीए को क्यों दिया जाता है? इसकी जिम्मेदारी किसकी है? जांच कौन करेगा?

उन्होंने आरोप लगाया कि संजीव मुखिया को बरी कर दिया गया है. साथ ही पूछा कि एसआईटी कौन बनाएगा? उनका कहना था कि राज्यों के अधिकार भी छीन लिए गए हैं. उन्होंने Government से कहा कि पेपर लीक को केवल एक सामान्य घटना की तरह न देखा जाए, क्योंकि Government ने एनटीए की भूमिका पर कोई जवाब नहीं दिया है.

Lok Sabha में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा Tuesday से शुरू हुई थी और Wednesday को भी जारी रही. Wednesday को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके कारण Lok Sabha की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी.

दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद बिहार के सुपौल से जनता दल के सांसद दिलेश्वर कामत ने चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि यह विधेयक एनडीए Government के प्रति लोगों के भरोसे और उम्मीद को मजबूत करने वाला है. यह कानून देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला महत्वपूर्ण विधेयक साबित होगा.

बता दें कि एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा Tuesday को शुरू हुई थी और Wednesday को भी जारी रही. Government का कहना है कि यह विधेयक परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. वहीं विपक्ष लगातार एनटीए की जवाबदेही, जांच प्रक्रिया और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर Government से स्पष्ट जवाब मांग रहा है.

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