
New Delhi, 30 जून . हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है.
1 जुलाई 2026 (Wednesday ) को आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 7:38 बजे प्रतिपदा तिथि है. इसके बाद द्वितीया तिथि लग जाएगी. यह दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है और आषाढ़ महीने का दूसरा दिन है.
Wednesday को रात 2:20 बजे से अगली सुबह तड़के 4:06 बजे तक अमृत काल रहेगा, जबकि सुबह 4:12 से 5:00 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा.
इस दिन सुबह 5:48 बजे सूर्योदय और शाम 7:12 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 8:32 बजे चन्द्रोदय और सुबह 7:31 बजे चन्द्रास्त होगा.
पंचांग के अनुसार 1 जुलाई 2026 को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी राहु हैं. चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहेगा (जो सुबह तक प्रभावी रहेगा), उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
वहीं, 1 जुलाई 2026 (Wednesday ) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा. इस दिन ऐंद्र योग और वैधृति योग का संयोग बन रहा है.
Wednesday को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:51 से दोपहर 12:47 तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है.
वहीं, राहुकाल दोपहर 12:24 बजे से लेकर दोपहर 02:09 बजे तक रहेगा, गुलिक काल दोपहर 12:24 से 2:08 बजे तक रहेगा, और सुबह 8:56 से 10:40 बजे तक यमगंड रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है.
वहीं, 1 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा धनु राशि में गोचर करेंगे.
1 जुलाई 2026 (Wednesday ) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर यात्रा करना आवश्यक भी है, तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए.
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एसडी/एएस
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