पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा गेम: खुद को बचाने और भारत को घेरने के लिए बनाया ‘टीटीएच संगठन’

New Delhi, 25 मई . तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) एक ऐसा संगठन ज‍िसका काम स‍िर्फ आतंक फैलाना ही नहीं, बल्‍क‍ि यह पाक‍िस्‍तान के एक बड़े षड्यंत्र का ह‍िस्‍सा है. खुफिया एजेंसियों के अनुसार टीटीएच एक प्रोपेगेंडा फैलाने वाला संगठन है. इसका मुख्य मकसद एक घरेलू आतंकी संगठन जैसा माहौल बनाना है, ताकि किसी भी आतंकी हमले के बाद Pakistan खुद को उससे अलग दिखा सके और जिम्मेदारी से बच सके.

एक अधिकारी ने बताया कि टीटीएच कोई छोटा-मोटा आतंकी संगठन नहीं है. इसके पीछे एक बड़ा एजेंडा काम कर रहा है. एक तरफ इसका इस्तेमाल India में प्रचार फैलाने के लिए किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे तहरीक-ए-तालिबान Pakistan (टीटीपी) से जोड़ने की कोशिश भी हो रही है.

टीटीपी ने Pakistan की सुरक्षा एजेंसियों के लिए भारी मुश्किलें खड़ी की हैं. टीटीएच का अचानक सामने आना भी बहुत सोच-समझकर उठाया गया कदम माना जा रहा है. Pakistan कोशिश कर रहा है कि टीटीएच और टीटीपी को आपस में जोड़ा जाए. इसके पीछे India और अफगानिस्तान दोनों को निशाना बनाने की बड़ी योजना बताई जा रही है.

इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि Pakistan कई बार यह झूठा दावा कर चुका है कि अफगान तालिबान, टीटीपी को समर्थन देता है. इसी बहाने उसने अफगानिस्तान के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश भी की थी. अब टीटीएच को बनाकर और उसे टीटीपी से जोड़कर एक नई रणनीति तैयार की गई है. आईएसआई दुनिया को यह दिखाना चाहती है कि अफगानिस्तान के साथ-साथ India भी टीटीपी को समर्थन दे रहा है.

एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि टीटीपी और टीटीएच को जोड़ने की यह कोशिश ऐसे समय में हो रही है जब India और अफगानिस्तान के रिश्ते फिर से बेहतर हुए हैं. पहले अफगान तालिबान के Pakistan से अच्छे रिश्ते थे, लेकिन अब दोनों के बीच दूरी बढ़ गई है, जिससे Pakistan नाराज है. अफगान तालिबान ने साफ कर दिया है कि वह Pakistan को अफगानिस्तान के मामलों में दखल नहीं देने देगा.

इस बीच India और अफगान तालिबान के बीच भी रिश्ते सुधरे हैं और दोनों के बीच बातचीत अच्छे तरीके से चल रही है. Pakistan दुनिया को यह दिखाना चाहता है कि India और अफगानिस्तान मिलकर टीटीपी को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसने Pakistan की सुरक्षा एजेंसियों की परेशानी बढ़ा दी है. इसी झूठी कहानी को आगे बढ़ाने के लिए आईएसआई ने टीटीएच बनाया है और इसे India का घरेलू संगठन दिखाने की कोशिश कर रही है.

अधिकारियों का कहना है कि टीटीएच का काम सिर्फ झूठा प्रचार फैलाना नहीं है. इसका नेतृत्व शहजाद भट्टी कर रहा है, जिसे भारतीय मामलों में आईएसआई के प्रचार तंत्र का प्रमुख माना जाता है. भट्टी का नाम तब सामने आया, जब दिल्ली Police ने सोहेल नाम के एक अपराधी को गिरफ्तार किया. उसने Police को बताया कि भट्टी ने उसे दिल्ली और फरीदाबाद की कई जगहों पर ‘टीटीएच’ लिखने के लिए कहा था. साथ ही ‘टीटीएच’ के नीचे छोटा सा ‘एस’ लिखने को भी कहा गया था, ताकि यह संकेत मिले कि इसके पीछे शहजाद का हाथ है.

हालांकि, भट्टी का मकसद सिर्फ प्रचार तक सीमित नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक, वह दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक नेटवर्क तैयार कर रहा है, जिसका निशाना Policeकर्मी हो सकते हैं. कहा जा रहा है कि यह एक ऐसा मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है, जिसका खास मकसद Police पर हमला करना है.

अधिकारियों का कहना है कि भट्टी और टीटीएच को लेकर आईएसआई की बड़ी योजनाएं हैं. सबसे बड़ा मकसद टीटीपी और टीटीएच को India और अफगानिस्तान से जोड़ना है. दूसरा मकसद India में यह झूठा माहौल बनाना है कि भारत, टीटीपी जैसे संगठनों को Pakistan की सुरक्षा एजेंसियों पर हमला करने के लिए समर्थन दे रहा है.

इसके अलावा, योजना भारतीय Police को निशाना बनाने और देश में आतंकी हमले करवाने की भी बताई जा रही है. अधिकारियों का यह भी कहना है कि टीटीएच के जरिए आईएसआई लंबे समय से India में एक मजबूत घरेलू आतंकी संगठन खड़ा करने का सपना पूरा करने की कोशिश में है.

एवाई/एबीएम