अमेरिका-ईरान समझौते का पाकिस्तान ने किया स्वागत, पीएम शहबाज बोले- तुरंत खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट

इस्लामाबाद, 18 जून . अमेरिका और ईरान के बीच महीनों के संघर्ष के बाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर Thursday को हस्ताक्षर हुआ. Pakistan के Prime Minister शहबाज शरीफ ने इसे ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू)’ बताया और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खोल दिया जाएगा.

Pakistanी Prime Minister शरीफ ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद समझौता’ पर आज (Thursday को) हस्ताक्षर हो गए हैं. इस एमओयू पर दोनों देशों के Presidentयों ने साइन किए और मध्यस्थ के तौर पर मैंने भी इसे मंजूरी दी है. इस समझौते पर हस्ताक्षर होना संघर्ष के कूटनीतिक समाधान के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को दिखाता है.”

पीएम शहबाज ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जो समझौता हुआ है, उसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा. समझौते के तहते ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देगा. वहीं अमेरिका तुरंत नौसेना की नाकाबंदी हटा देगा.

Pakistan के Prime Minister ने अमेरिकी President को बधाई दी और सराहना करते हुए कहा कि उनकी (ट्रंप की) कूटनीति के प्रति प्रतिबद्धता और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता देने ने एक बार फिर उस लड़ाई को खत्म करने में मदद की है जिसके नतीजे इस इलाके और उससे आगे भी खतरनाक हो सकते थे.

वहीं, उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई और President मसूद पेजेश्कियान की सराहना भी की. पीएम शहबाज ने कहा कि मैं ईरान की तरफ से बातचीत करने वाली टीम की कोशिशों के प्रति सम्मान जताना चाहता हूं, जिसमें मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, अब्बास अराघची और एस्कंदर मोमेनी शामिल हैं. इनके सब्र, लगन और अच्छे काम के लिए प्रतिबद्धता ने इस समझौते को पूरा करने में मदद की.

Pakistan के Prime Minister ने इस समझौते को सफल बनाने के लिए कतर, सऊदी अरब साम्राज्य, तुर्किए और मिस्र की Government की भूमिका की सराहना की. इसके अलावा असीम मुनीर को लेकर पीएम शहबाज ने लिखा, “मैं फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर का खास जिक्र करना चाहूंगा, जिनकी अनथक कोशिश, निस्वार्थ समर्पण और अहम भूमिका इस कामयाबी को आसान बनाने और शांति व इलाके की स्थिरता को आगे बढ़ाने में बहुत जरूरी थी. उम्मीद है कि यह समझौता ज्ञापन पूरे क्षेत्र के लिए बेहतर समझ, आपसी सम्मान और साझा खुशहाली के लिए एक स्थायी आधार का काम करेगा.”

एएस