
नई दिल्ली (New Delhi), 09 मार्च . ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने नगालैंड में एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को समर्थन देने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की आलोचना की है. नगालैंड में नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी)-भाजपा गठबंधन सरकार को समर्थन देने के लिए एनसीपी पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर शरद ‘शादाब’ होते, तो उन्हें ‘बी टीम’ कहा जाता और ‘सेक्युलरों’ के लिए क्रूरता होती. उन्होंने कहा, ”मैंने कभी भी भाजपा सरकार का समर्थन नहीं किया और न कभी करूंगा.” उन्होंने कहा कि यह दूसरी बार है जब एनसीपी ने भाजपा को समर्थन दिया है. यह लंबे समय तक नहीं चल सकता.
उत्तर-पूर्व के एनसीपी प्रभारी नरेंद्र वर्मा ने हाल ही में कहा कि मुख्यमंत्री (Chief Minister) नेफ्यू रियो के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देना ‘नगालैंड राज्य के व्यापक हित में’ है. नगालैंड एनसीपी के प्रभारी नरेंद्र वर्मा ने भी कहा कि पार्टी सुप्रीमो शरद पवार ने अन्य राजनीतिक दलों के साथ मुख्यमंत्री (Chief Minister) नेफ्यू रियो के समर्थन को मंजूरी दी है. वर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार की निंदा की है.
हाल ही में संपन्न 60 सीटों वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन ने 37 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया था. नतीजतन, एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन अकेले किसी अन्य पार्टी के समर्थन के बिना सरकार बनाने में सक्षम था. नगालैंड विधानसभा में मुख्य गठबंधन सहयोगी एनडीपीपी 25, भाजपा 12, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) 6, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) 5, नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) 2, निर्दलीय 4, जनता दल (यूनाइटेड) 1, लोक जनशक्ति पार्टी (रामबिलास) ने 2 और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) ने 2 सीटों पर जीत हासिल की है.