
New Delhi, 15 जुलाई . भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन, राम मंदिर चंदा विवाद पर विपक्ष के आरोप, भोजशाला विवाद पर Supreme Court के हालिया फैसले समेत कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी. उन्होंने कहा कि केंद्र Government का उद्देश्य लोकतंत्र और समाज को मजबूत करना है. वहीं, विपक्ष बेवजह Political विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहा है.
131वें संविधान संशोधन विधेयक और परिसीमन के मुद्दे पर सुब्रत पाठक ने कहा कि Government देश और समाज के हित में जो भी आवश्यक होगा, वही करेगी. महिलाओं से जुड़े विधेयक का उल्लेख करते हुए Prime Minister Narendra Modi पहले ही अपना संकल्प स्पष्ट कर चुके हैं. पिछली बार विपक्ष के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका था, लेकिन Government इसे दोबारा लाने के लिए प्रतिबद्ध है. यदि यह विधेयक इस बार संसद से पारित हो जाता है, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी.
राम मंदिर चंदा चोरी से जुड़े विवाद पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए, उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चोरी की घटना बेहद निंदनीय है, लेकिन भाजपा Government ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी का गठन किया, आरोपियों के खिलाफ First Information Report दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया और वसूली की कार्रवाई भी जारी है. यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. इस दौरान कांग्रेस और Samajwadi Party पर हमला बोलते हुए, उन्होंने कहा कि जो Political दल कभी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, आज वही राम मंदिर के नाम पर राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के पुराने हलफनामे और Samajwadi Party के नेताओं के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष पहले यह स्पष्ट करे कि वह अयोध्या में राम मंदिर के अस्तित्व को स्वीकार करता है या नहीं. विपक्ष का उद्देश्य केवल Political लाभ लेना है.
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के छात्रावासों में मांसाहारी भोजन पर रोक के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुब्रत पाठक ने कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रशासन और Governor के अधिकार क्षेत्र का विषय है. Governor आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में लिया गया निर्णय विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारों के अंतर्गत आता है.
भोजशाला मामले में Supreme Court के हालिया आदेश पर उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय को पूजा या नमाज के लिए स्थान देना है तो भोजशाला परिसर के बाहर व्यवस्था की जा सकती है. भोजशाला के भीतर मंदिर है और यदि मंदिर के अंदर नमाज की अनुमति दी जाती है तो फिर अन्य धार्मिक स्थलों पर भी समान व्यवस्था लागू होनी चाहिए.
संवैधानिक संस्थाओं के Political इस्तेमाल के विपक्ष के आरोपों को भी उन्होंने पूरी तरह खारिज किया. उन्होंने कहा कि जो दल स्वयं लंबे समय तक राजनीति के लिए संस्थाओं का उपयोग करते रहे हैं, उन्हें अब हर कार्रवाई में राजनीति दिखाई देती है. भाजपा Government संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग नहीं बल्कि कानून के अनुसार काम कर रही है.
Maharashtra में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता जयंत पाटिल और सुनील तटकरे की Chief Minister देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद लगाई जा रही Political अटकलों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि विपक्ष की लगातार Political विफलताओं और कांग्रेस नेतृत्व की कमजोरी के कारण इस तरह की चर्चाएं हो रही हैं. राहुल गांधी को कई बार राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह सफल नहीं हुए. देश ही नहीं, दुनिया भी Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व पर विश्वास करती है और उनकी लोकप्रियता के कारण विपक्ष लगातार कमजोर होता जा रहा है. Maharashtra की मुलाकातों को लेकर लगाए जा रहे Political कयास बेबुनियाद हैं और उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है.
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