
प्रयागराज, 16 अप्रैल . भाजपा की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि इस बिल के लिए हम लोगों ने कई वर्षों तक इंतजार किया, लेकिन अब ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते हैं. विपक्ष जो इस बिल को लेकर हंगामा कर रहा है, उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
प्रयागराज में से बातचीत में भाजपा की वरिष्ठ नेता ने कहा कि पिछले 30-40 वर्षों से महिलाओं के आरक्षण पर चर्चा चल रही है. पंचायती राज में आरक्षण लागू होने के समय से ही हम विधानसभा और Lok Sabha में महिलाओं को आरक्षण देने की मांग करते आ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि यह बिल कई बार सदन में आया, लेकिन हर बार चर्चा के बिना ही अटक गया.
रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के दृढ़ संकल्प और प्रयासों से वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास हुआ. अब जब इसे लागू करने का समय आ गया है और Prime Minister चाहते हैं कि 2029 तक इसे पूरी तरह लागू कर लिया जाए तो विपक्ष इसमें रुकावट डाल रहा है.
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह बिल अब पास होना ही चाहिए. अगर इसमें और देरी हुई तो हम इसे बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे. हम Prime Minister के आभारी हैं कि वे इस मुद्दे पर बहस करवा रहे हैं. साथ ही, विपक्ष के रवैये से हम थोड़े नाराज भी हैं.
रीता बहुगुणा जोशी ने विपक्ष के विभिन्न विरोधों का जिक्र करते हुए बताया कि शुरू में विरोध इस बात पर था कि दलितों के साथ ईसाइयों और मुसलमानों को भी शामिल किया जा रहा है. फिर यह कहा गया कि महिलाओं को सीटें देने से पुरुषों की सीटें कम हो जाएंगी. बाद में दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंता सामने आई कि परिवार नियोजन के कारण उनकी आबादी कम होने से सीटें घट जाएंगी.
उन्होंने कहा कि Government ने कितना सुंदर फॉर्मूला निकाला है कि बिना किसी राज्य की सीटें कम किए Lok Sabha की कुल सीटों में बढ़ोतरी की जाए. सीटें 815 से 850 के आसपास बढ़ाई जाएंगी और उनमें से 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. यह 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा, न कि भविष्य की किसी जनगणना पर.
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि विपक्ष अब कह रहा है कि पहले जनगणना हो जाए, फिर बात करेंगे, लेकिन क्या हम 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए और इंतजार करें? यह 131वां संविधान संशोधन है. इसे अब पास करना चाहिए. इसमें ओबीसी आरक्षण को लेकर नया विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सामान्य सीटों में ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रावधान पहले से नहीं है.
रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि यह विधेयक पास किया जाना चाहिए. महिलाओं को इसकी सख्त जरूरत है.
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं यह सब देख रही हैं. हम बहुत खुश हैं और पूरा विश्वास है कि Prime Minister का आह्वान और सभी Political दलों का समर्थन मिलेगा. यह संविधान संशोधन पास होगा. अगर कोई इसका विरोध करेगा तो खामियाजा भुगतना होगा.
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डीकेएम/डीकेपी
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