कश्‍मीर में आतंकी हमले में ‘बिहारियों’ की हत्‍या के मामले में विपक्ष ने नीतीश कुमार पर निशाना

पटना (Patna) . कश्‍मीर में आतंकी हमले में ‘बिहारियों’ की हत्‍या के मामले में विपक्ष ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए इसे नौकरियां सृजित करने में राज्‍य सरकार की नाकामी का परिणाम बताया है. राष्‍ट्रीय जनता दल प्रमुख तेजस्‍वी यादव ने इस मुददे पर नीतीश पर ‘वार’ करने में देर नहीं लगाई. नीतीश के प्रबल विरोधियों में गिने जाने वाले लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान ने भी उनका (तेजस्‍वी का) समर्थन किया. गौरतलब है कि पिछले एक सप्‍ताह से कश्‍मीर में बिहार (Bihar) के चार लोग आतंकी हमले का शिकार बने. ये चारों ही काम की तलाश में कश्‍मीर गए थे.

बिहार (Bihar) के बांका जिले के अरविंद साह, श्रीनगर (Srinagar) में गोलगप्‍पे बेचते थे. आतंकियों ने चार दिन पहले उनकी हत्‍या कर दी. रविवार (Sunday) को कश्‍मीर के कुलगाम जिले में बिहार (Bihar) के दो श्रमिकों को मौत के घाट उतार दिया गया. तेजस्‍वी ने इस मामले में राज्‍य सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, ‘डबल इंजन सरकार की डबल मार. बिहार (Bihar) में नौकरी-रोजगार देंगे नहीं, बाहर जाओगे तो मार दिए जाओगे. मुख्यमंत्री (Chief Minister) नीतीश कुमार जी एक बिहारी की जान की क़ीमत दो लाख रुपए लगाकर बिना कोई संवेदना प्रकट किए फिर सुषुप्त अवस्था में चले जाएंगे.’ तेजस्‍वी ने यह भी लिखा, ‘सर्पदंश और ठनके से मौत पर बिहार (Bihar) सरकार 4 लाख का मुआवज़ा देती है लेकिन सरकार की नाकामी के कारण पलायन कर रोजी-रोटी के लिए बाहर गए बिहारी श्रमवीरों को आतंकवादियों द्वारा मारे जाने पर 2 लाख रुपए देती है. गजब!अन्याय के साथ विनाश” ही नीतीश-भाजपा सरकार का मूल मंत्र है.’

बिहार (Bihar) के एक अन्‍य युवा नेता और नीतीश कुमार के मुखर आलोचक चिराग पासवान ने ट्वीट में लिखा, ‘बिहार (Bihar) का बेटा कश्मीर में मारा जा रहा है. आजीविका कमाने गया था, मौत मिली.जहां सुरक्षा का खतरा है वहां बिहार (Bihar) के लोगों को क्यों जाना पड़ा, क्योंकि बिहार (Bihar) में काम नहीं है ? नीतीश जी से सवाल है- अगर बिहार (Bihar) में रोजगार होता तो क्या कश्मीर में आतंकियों की गोली का निशाना बनना पड़ता ?’ इस बीच, कश्‍मीर में आतंकी हमलों में हुए इजाफे और रविवार (Sunday) को ऐसे हमले में बिहार (Bihar) के दो श्रमिकों की हत्‍या की घटना पर सीएम नीतीश कुमार ने अफसोस जताया है. उन्‍होंने पटना (Patna) में यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा,’ बिहार (Bihar) के जो लोग जम्‍मू-कश्‍मीर में हैं,,उनको लाने के बारे में बातचीत कर रहे हैं. हमारे शीर्ष अधिकारीगण इस बारे में वहां के अधिकारियों से बात कर रहे हैं. निरंतर संपर्क में हैं. जो भी आएगा, उसको घर तक पहुंचाने के अलावा और जो मदद दे सकते हैं, इस बारे में करेंगे.’

नीतीश ने इसके साथ ही कहा,’ किसी को भी बाहर जाने का अधिकार हैं. कई लोग वहां काम कर रहे हैं. गरीबगुरबा तबका है. जो हालात हैं उसे देखते हुए सचेत रहना होगा.’ उन्‍होंने कहा कि हर आदमी को स्‍वतंत्रता है, कहीं भी, किसी दूसरे राज्‍य में काम करना चाहता हैं तो आजादी है. पूरा देश एक है. नीतीश ने कहा कि कल की घटना की जानकारी मिलते ही हमने तुरंत इसके बारे में जानकारी ली.दो लोगों की हत्‍या हुई है और एक घायल अस्‍पताल में भर्ती है. हमने इस मसले पर वहां के महामहिम उपराज्‍यपाल को फोन कर बातचीत की. उन्‍होंने कहा कि हम इसे देख रहे हैं. सीएम ने कहा कि जम्‍मू कश्‍मीर की घटना से काफी तकलीफ हुई है. जम्‍मू-कश्‍मीर, भारत का अंग है. वहां कोई गड़बड़ हो रही है. बाहर से आए लोगों को वहां जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है. सरकार को मजबूती से काम करना होगा कि कोई ऐसा नहीं कर पाए.

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