विपक्ष बोला- लाठीचार्ज पर छात्रों से माफी मांगें पीएम और गृह मंत्री, सिर्फ बिल लाने से नहीं खत्म होगी जिम्मेदारी

New Delhi, 27 जुलाई . संसद के मॉनसून सत्र के दौरान पेपर लीक, छात्र आंदोलन, बिहार में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ Police कार्रवाई और उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीति को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र Government से कई सवाल किए है.

पेपर लीक और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने केंद्र Government को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि Prime Minister और केंद्रीय गृह मंत्री को देश के लोगों विशेष रूप से छात्रों से माफी मांगनी चाहिए. उनका आरोप था कि दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ.

उन्होंने कहा कि Government केवल चर्चा कर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती. उनके अनुसार प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक रोकने के प्रभावी उपाय नहीं हैं, बल्कि केवल समय-सीमा बढ़ाने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है. चर्चा से पहले Government को छात्रों से माफ़ी मांगनी चाहिए.

इसी मुद्दे पर सपा सांसद राजीव राय ने Government से सवाल किया कि क्या उन लोगों पर भी कानून लागू होगा जो कथित तौर पर पेपर लीक गिरोह के मास्टरमाइंड हैं.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और जो वर्षों से मामलों का सामना कर रहे हैं, वे अब भी ऊंचे पदों पर बने हुए हैं. यदि Government की नीयत साफ़ है तो ऐसे लोगों को पदों पर क्यों रखा गया है और उन्हें जेल क्यों नहीं भेजा गया?

Samajwadi Party के सांसद ज़िया-उर-रहमान बर्क ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर कहा कि अभी चुनाव में समय है, लेकिन उनकी पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और Government बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेगी.

उन्होंने कहा कि सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फ़ॉर्मूला आगे भी जारी रहेगा. गठबंधन में कौन-कौन दल शामिल होंगे, इसका फैसला पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे. उचित समय आने पर सभी पहलुओं पर विचार कर सबसे बेहतर निर्णय लिया जाएगा.

उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि इस तरह के बयान देना Chief Minister की पुरानी आदत है. उन्होंने दावा किया कि 2027 में वंचित, पिछड़े, दलित और अन्य वर्ग भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुके हैं और Samajwadi Party राज्य में Government बनाएगी.

बता दें कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा कि अब यूपी में न कर्फ्यू है और न ही दंगा बल्कि प्रदेश में स्थिति बेहतर है. Government ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया है और आज उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.

उधर, पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज का मामला भी संसद के बाहर गूंजा. कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सफाई कर्मचारियों को “रब दे बंदे” (ईश्वर के लोग) बताते हुए कहा कि जो लोग मात्र 12,000 रुपये की तनख्वाह पर दूसरों की गंदगी साफ़ करते हैं, वे सम्मान के सबसे बड़े हकदार हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब बंद का उनकी पार्टी समर्थन करती है और दोषियों के खिलाफ First Information Report दर्ज कर उन्हें जेल भेजे जाने तक कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी.

शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी छात्रों के मुद्दे पर Government की आलोचना की. उन्होंने कहा कि केवल कानून और बिल बनाने से ज़मीनी स्तर पर बदलाव नहीं आता. Government को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में छात्रों के साथ ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा बार-बार बिल तो लेकर आती है, लेकिन उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान क्यों नहीं देती.

हरसिमरत कौर ने पंजाब Government पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल आंदोलन के दौरान बड़े-बड़े वादे करते थे, लेकिन अब उनकी ही Government में ऐसी घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने सवाल किया कि इस मामले पर आम आदमी पार्टी क्या जवाब देगी. संसद के मॉनसून सत्र के बीच इन मुद्दों को लेकर विपक्ष ने केंद्र और संबंधित राज्य Governmentों पर लगातार Political दबाव बनाए रखा.

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