
New Delhi, 10 अगस्त . संसद के मानसून सत्र के दौरान पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी पर हुए हमले का विपक्षीय सांसदों ने विरोध किया. टीएमसी के सांसदों ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगातार सुरक्षा व्यवस्था खराब हो रही है, मौजूदा Government इस पर ध्यान नहीं दे रही है.
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने से बात करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी के काफिले पर पत्थर और कीचड़ फेंके जाने की घटना निंदनीय है. इससे पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था का क्या हाल है. भाजपा की गुंडागर्दी लगातार बढ़ती जा रही है. इसके चलते जनता को परेशानी हो रही है.
सांसद सौगत रॉय ने एफसीआरए बिल का विरोध किया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे का हिस्सा है. रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी.
उन्होंने कहा कि जो सांसद भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे का समर्थन नहीं करने की बात कहते हैं, उन्हें अब अपना Political रुख स्पष्ट करना होगा. उनके मुताबिक, कोई भी नेता एक साथ दो नावों पर पैर नहीं रख सकता. उन्हें तय करना होगा कि वे भाजपा के साथ रहेंगे या नहीं.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस घटना को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि घटना को जिस तरह से पेश किया जा रहा है, उससे यह धारणा बनती है कि आम लोगों ने ममता बनर्जी पर हमला किया, जो उनके अनुसार गलत है. मोइत्रा ने सीधे भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि इसे भाजपा द्वारा हमला किए जाने के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि बंगाल का आम नागरिक ममता बनर्जी पर सीधे हमला नहीं करेगा.
वहीं, संसद में जारी गतिरोध को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने Government पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर Government ने सदन का कामकाज ही समाप्त कर दिया था, तो गतिरोध की बात कहां से आती है.
सावंत ने अयोध्या में राम मंदिर और उससे जुड़े कथित चोरी के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि जब इन मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई, तब चर्चा से इनकार किया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि मंदिर निर्माण पर चर्चा की जा सकती है तो वहां हुई कथित चोरी पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती.
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को लेकर Government की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यदि Prime Minister Narendra Modi और गृह मंत्री अमित शाह वास्तव में इन विधेयकों को पारित कराना चाहते हैं तो उन्हें संसद में उपस्थित होकर विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए. रवि ने विशेष रूप से लाठीचार्ज और गोलीबारी से जुड़े सवालों पर गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग की.
कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने भी Prime Minister और गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पिछले कई सप्ताह से दोनों नेताओं की सदन में अनुपस्थिति दिखाई दे रही है, जबकि अब परिसीमन और एफसीआरए जैसे विधेयकों को पारित कराने की कोशिश हो रही है. उन्होंने कहा कि डीएमके और अन्य विपक्षी दलों के रुख को देखते हुए आगे की स्थिति पर नजर रखनी होगी.
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पीएम
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