
New Delhi, 12 अगस्त . राज्यसभा में एक सांसद द्वारा दूसरे सांसद पर की गई टिप्पणी को लेकर संसद परिसर में भारी हंगामा हुआ. सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि BJP MP सुष्मिता देव ने उन्हें ‘लुंगी वाला’ कहकर अपमानित किया.
सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि उन्होंने सुष्मिता देव के ‘लुंगी वाला’ वाले अपमानजनक बयान के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव का नोटिस दिया है. उन्होंने कहा, “यह बयान दक्षिण भारतीयों की गलत छवि बनाता है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. यह लोगों को अलग-थलग करने या ‘दूसरा’ समझने का एक तरीका है. मुझे मलयाली होने, दक्षिण भारतीय होने और भारतीय होने पर गर्व है. हम इस देश की विविधता का जश्न मनाते हैं. उनके बयान एक सांसद के पद के अनुरूप नहीं हैं, और मुझे विश्वास है कि सभापति और विशेषाधिकार समिति इस पर संज्ञान लेगी.”
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के राज्यसभा सांसद चौधरी मोहम्मद रमजान ने इसे सांस्कृतिक हमला करार दिया. उन्होंने कहा, “आज का हमला एक सांस्कृतिक हमला था. India में कई क्षेत्र, धर्म और संस्कृतियां हैं, और हर राज्य की अपनी अलग संस्कृति है. आज, एक BJP MP ने हमारे एक सांसद पर उंगली उठाई और टिप्पणी की. यह हमारी संस्कृति का अपमान है और हमारी नजर में, किसी भी संस्कृति का अपमान है.”
कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने भी सुष्मिता देव के व्यवहार की निंदा की. उन्होंने कहा, “यह सिर्फ पहनावे की बात नहीं है. राज्यसभा के वरिष्ठ सांसद जॉन ब्रिटास अपना सवाल पूछ रहे थे, तभी पश्चिम बंगाल की एक सदस्य ने बार-बार और अपमानजनक तरीके से उन्हें ‘लुंगी वाला, लुंगी वाला’ कहा. 30-35 से ज्यादा राज्यों वाले इतने विविध देश में यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे गैर-हिंदी भाषी इलाकों के प्रति भाजपा का रवैया साफ झलकता है.”
तिलक ने बताया कि आज गैर-हिंदी भाषी राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यसभा और Lok Sabha के सभी सदस्य अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक साथ आए हैं. राज्यसभा के चेयरमैन ने इस मामले का संज्ञान लिया है और बातचीत के लिए कई सांसदों को बुलाया है. देखते हैं इससे क्या नतीजा निकलता है.
सीपीआई (एम) सांसद अमराराम ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “उन्होंने शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भी आतंकवादी कहा था.”
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एससीएच/एबीएम
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