विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री पर कसा तंज, कहा- ‘सरकार जानबूझकर बाधित कर रही कार्यवाही’

New Delhi, 12 अगस्त . संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान देने पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए. कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि Government ने जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित होने दी और अब सत्र समाप्त होने से ठीक पहले बयान देने की बात कही जा रही है.

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्ष पिछले 17-18 दिनों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से Lok Sabha में आकर बयान देने की मांग कर रहा है. संसदीय कार्य मंत्री ने भी तीन दिन पहले गृह मंत्री के सदन में बयान देने की जानकारी दी थी. विपक्ष अपनी भूमिका निभाता रहेगा और यदि Government की ओर से कोई गलती या गलत कदम होता है तो विपक्ष संविधान के तहत Government से जवाब मांगने और उसे सुधारने की मांग करेगा.

आप सांसद संजय सिंह ने भी Government पर संसद का सत्र टालने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सत्र का अंतिम दिन नजदीक है और अब गृह मंत्री के बयान देने के लिए तैयार होने का मतलब यह है कि Government ने पहले जानबूझकर गतिरोध बनाए रखा. Government की कोशिश रही कि संसद की कार्यवाही अधिक से अधिक समय तक न चल सके.

इसी बीच राज्यसभा में सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास से कथित तौर पर ‘लुंगीवाला’ कहे जाने को लेकर विवाद सामने आया. ब्रिटास ने आरोप लगाया कि BJP MP सुष्मिता देव ने उनके लिए यह टिप्पणी की. मामले को लेकर सदन में हंगामा हुआ और ब्रिटास ने इसे व्यक्तिगत अपमान के साथ-साथ संसद की गरिमा तथा देश की सांस्कृतिक विविधता से जुड़ा मुद्दा बताया.

संजय सिंह ने इस विवाद पर ब्रिटास का समर्थन करते हुए कहा कि India विभिन्न धर्मों, भाषाओं, जातियों, संस्कृतियों और पहनावों वाला देश है. उन्होंने कहा कि दक्षिण India और केरल सहित कई राज्यों की सांस्कृतिक पहचान में लुंगी का विशेष स्थान है और किसी सांसद के पहनावे को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है.

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री के बयान को लेकर कहा कि उन्हें मीडिया के जरिए नहीं, बल्कि सीधे सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए. सदन की बैठक में गृह मंत्री आएं और वही बात सदन के भीतर कहें, इसके बाद विपक्ष अपना रुख तय करेगा.

एबीएम