विपक्ष के सांसदों का सरकार पर तंज, कहा- बात सुनने के बजाय युवाओं पर किया गया बल प्रयोग

New Delhi, 21 जुलाई . संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के सांसदों ने केंद्र Government पर आरोप लगाया कि वो सदन नहीं चलने दे रहे है. Samajwadi Party के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सदन सुचारू रूप से चले क्योंकि संसद ही वह मंच है जहां देश के महत्वपूर्ण मुद्दों, जनता की समस्याओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और संविधान से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सकती है.

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने से बात करते हुए कहा कि विपक्ष सदन की कार्यवाही जारी रखने के पक्ष में है लेकिन Government महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहती. उन्होंने आरोप लगाया कि Government के पास सदन को सुचारू रूप से चलाने की इच्छा और इच्छाशक्ति नहीं है. इसके लिए वो कोई न कोई मुद्दा लेकर माहौल खराब कर रही है.

युवाओं के प्रदर्शन को लेकर भी अवधेश प्रसाद ने Government पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि लाखों युवा अपनी समस्याएं और चिंताएं Government तक पहुंचाने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया. इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए और विपक्षी सांसदों को भी चोटें आईं. उन्होंने इसे Government की कथित तानाशाही का उदाहरण बताया.

नीट मुद्दे पर Monday को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बारे में कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि युवाओं की बस एक ही मांग है: India के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा. चूंकि यह मांग पूरी नहीं हुई, इसलिए वे आज भी अपना धरना जारी रखना चाहते थे और संसद की ओर मार्च करना चाहते थे. Government को इस तरह से प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए थी.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने Monday को Prime Minister Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या कम से कम संसदीय कार्य मंत्री से दो मुद्दों पर जवाब मांगा था. पेपर लीक और राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी. ये दो सबसे संवेदनशील मुद्दे हैं और लोग मीडिया के जरिए या कम से कम संसद में जवाब चाहते थे. अगर Government संसद में इन सवालों का जवाब देती है, तो पूरे देश और दुनिया को उसकी स्थिति का पता चल जाएगा.

वहीं, कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने नीट परीक्षा विवाद को लेकर राहुल गांधी का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से लगातार नीट का मुद्दा संसद और संसद के बाहर उठाते रहे हैं. अब लोगों को महसूस हो रहा है कि राहुल गांधी की चिंताएं सही थीं और इसी कारण युवाओं में नाराजगी बढ़ी है.

वंदे मातरम बिल पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसी भी विधेयक पर पहले सार्थक चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि Government बिल पेश करने के तुरंत बाद मतदान कराने की प्रक्रिया अपना रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है. विपक्ष ने मांग की कि संसद में सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए.

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