विपक्ष के सांसदों ने छात्रों की पिटाई पर अमित शाह से मांगा जवाब, कहा- ‘किसने दिया छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश’

New Delhi, 27 जुलाई . संसद के मॉनसून सत्र के दौरान परीक्षा सुधारों, छात्रों के प्रदर्शन पर Police कार्रवाई और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष ने केंद्र Government की आलोचना की है. इसके साथ ही पीएम मोदी द्वारा परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने के ऐलान पर सवाल उठाए है.

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने Prime Minister मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा Government को कांग्रेस के योगदान और नेताओं से जुड़े कामों का उल्लेख करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि Prime Minister की Political यात्रा में कांग्रेस का संदर्भ बार-बार आता है. Prime Minister Narendra Modi की नैतिक ताकत कमजोर हो चुकी है और देश के युवा भी Government के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं.

पवन खेड़ा ने छात्रों के प्रदर्शन पर Police कार्रवाई को लेकर भी Government को घेरा. उन्होंने कहा कि युवाओं पर पैलेट गन और बल प्रयोग जैसे कदम उठाना गंभीर विषय है. Government संसद में छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. Prime Minister को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए.

वहीं, कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने छात्रों पर हुई Police कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग की. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या Police बिना किसी आदेश के पैलेट गन का इस्तेमाल कर सकती है. इस पूरे मामले में गृह मंत्रालय को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

परीक्षा सुधारों के लिए गठित होने वाली टास्क फोर्स को लेकर कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम ने Government के कदम का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण देशभर में छात्रों में नाराजगी देखने को मिली है. नई कमेटी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाएगी और छात्रों की समस्याओं का समाधान करेगी.

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ Police कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि दिल्ली Police और केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ) की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है.

उन्होंने कहा कि अगर कार्रवाई का आदेश गृह मंत्री की ओर से दिया गया था तो इसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए, और अगर आदेश नहीं दिया गया था तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आदेश किसने दिया.

कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने Government पर छात्रों की मांगों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि Government की ओर से लाए गए विधेयक में सजा और जुर्माने के प्रावधानों को बढ़ाने पर जोर है, जबकि छात्रों की मुख्य मांग परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की थी. उन्होंने कहा कि Government को छात्रों की समस्याओं पर बातचीत करनी चाहिए.

Lok Sabha में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किए जाने के फैसले पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी Government को घेरा. उन्होंने छात्रों पर हुई Police कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है. Government को युवाओं की चिंताओं का जवाब देना होगा.

उन्होंने आरोप लगाया कि Government ने कई कानून बनाए हैं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल बने हुए हैं. प्रमोद तिवारी ने कहा कि संसद में विपक्ष छात्रों के मुद्दे, Police कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाएगा.

पीएम