
New Delhi, 10 अगस्त . संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और Government के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई Police कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग की है.
कांग्रेस का कहना है कि जब तक गृह मंत्री इन मुद्दों पर सदन में स्पष्टीकरण नहीं देते, तब तक विपक्ष कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा आगे नहीं बढ़ने देगा.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि गतिरोध तब तक बना रहेगा, जब तक केंद्रीय गृह मंत्री संसद में बयान नहीं देते.
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी विपक्ष की मांग को स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी विधेयक, जिसमें एफसीआरए बिल भी शामिल है, पर चर्चा से पहले अमित शाह को संसद में आकर दिल्ली के छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर बयान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की स्पष्ट मांग है और बयान के बिना Government को इन मामलों पर आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा.
एफसीआरए बिल को लेकर भी विपक्ष ने Government पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पार्टी इस विधेयक को एक बड़े समुदाय के खिलाफ उठाए गए कदम के रूप में देखती है. उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित बदलाव समुदाय और देश के हितों के खिलाफ हैं तथा इससे शिक्षा और राष्ट्रीय प्रगति में योगदान देने वाले महत्वपूर्ण संसाधनों पर असर पड़ सकता है.
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने विश्व आदिवासी दिवस के संदर्भ में भी गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदाय को ‘वनवासी’ कहकर उसकी पहचान, संघर्ष, ऐतिहासिक विरासत और विशिष्टता को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. भगत ने कहा कि वे इस मुद्दे पर सांकेतिक विरोध दर्ज करा रहे हैं और अमित शाह के सदन में आने पर आदिवासी पहचान से जुड़े सवाल को उठाएंगे.
एफसीआरए विधेयक पर उन्होंने प्रशासनिक खर्चों की सीमा को 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत किए जाने के प्रस्ताव पर भी चिंता जताई. उनका कहना था कि इसका अनुच्छेद 19 के तहत मिले अधिकारों पर असर पड़ सकता है. उन्होंने Government पर कई विधेयक बदले की भावना से लाने का आरोप भी लगाया.
इस बीच Jharkhand के छात्रों के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेताओं ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की. पार्टी नेताओं ने उम्मीद जताई कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कोई असामाजिक तत्व आंदोलन का फायदा न उठा सके. उन्होंने कहा कि Jharkhand Government ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली मांगों को स्वीकार करने के संकेत दिए हैं और बाकी मुद्दों पर Government तथा छात्रों के बीच समय रहते सहमति बनने की उम्मीद है.
वहीं, Samajwadi Party के सांसद धर्मेंद्र यादव ने परिसीमन के मुद्दे पर कहा कि विपक्ष ने परिसीमन लाने का प्रस्ताव नहीं दिया है और उन्हें इन मुद्दों पर चर्चा की जरूरत नहीं लगती. उन्होंने Government से अपने स्तर पर फैसला लेने को कहा.
धर्मेंद्र यादव ने इंडी अलायंस की एकजुटता पर भी जोर दिया और कहा कि भाजपा के बयानों या टिप्पणियों से गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ता.
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