
New Delhi, 20 अगस्त . कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने एनसीईआरटी की नई पॉलिटिकल साइंस की किताब बनाने वाली कमेटी में आसएसएस से जुड़े सदस्यों को शामिल किए जाने का आरोप लगाते हुए Government पर गंभीर सवाल उठाए हैं. विपक्ष ने आरोप लगाए कि शैक्षिक संस्थानों में आसएसएस का एजेंडा शामिल किया जा रहा है.
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं है. आरएसएस-भाजपा हमारे देश की हर संस्था पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. जब तक हमारी Government वापस नहीं आती, हमें यह सब सहना होगा.”
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा, “पिछले 12 सालों से भाजपा Government के तहत एक पैटर्न देखा जा रहा है. चाहे एनसीईआरटी की किताबें हों, यूनिवर्सिटीज हों, वाइस-चांसलर हों या इतिहास की किताबें, हम देख रहे हैं कि शैक्षिक संस्थानों में आसएसएस का एजेंडा शामिल किया जा रहा है.”
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “अब एनसीईआरटी को आरएसएस का केंद्र कहा जाना चाहिए. देशभर के वाइस-चांसलर, प्रोफेसर और शिक्षण संस्थानों पर कब्जा किया जा रहा है. अगर मध्यकालीन इतिहास से मुगल इतिहास को हटा दिया जाए, तो फिर क्या बचेगा.
कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा, “यह कोई नई बात नहीं है. भाजपा की Government वाले किसी भी मंत्रालय में, चाहे वह राज्य स्तर पर हो या केंद्र स्तर पर, पीएस (निजी सचिव) आरएसएस का ही व्यक्ति होता है. बोर्ड, संस्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य और आयोगों के डायरेक्टर, सभी जगहों पर आरएसएस के लोग भरे पड़े हैं. कोई भी नियम या कानून देश में बनता है, हिंसा फैलाई जाती है या नफरत के बीच बोए जाते हैं, सबसे पहले वह आरएसएस की पाठशाला से ही निकलकर आते हैं.”
अजय कुमार लल्लू ने कहा, “राहुल गांधी लगातार इस बात को उठा रहे हैं कि संविधान पर हमला हो रहा है. देश के तमाम उन संस्थानों पर हमला हो रहा है, जो जनता से जुड़े हुए है. निश्चित रूप से आरएसएस अपने विचारों को किसी न किसी तरह फैलाने और इतिहास को बदलने की कोशिश कर रहा है. देश जानता है और social media का जमाना है, इनके कुछ बदल देने से कुछ नहीं होगा. जब तक इनकी Government है, ये छेड़छाड़ कर सकते हैं. आने वाले समय में पुरानी व्यवस्थाएं और संस्थाएं ही लागू होंगी.”
राजद सांसद मनोज कुमार झा ने से कहा, “हम सवाल क्यों न उठाएं? आप उन्हीं लोगों और संगठनों को शामिल कर रहे हैं, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद किया है. मेरा मतलब है, क्या आप यह नहीं समझ पाए कि जेन-जी क्या चाहता है? जेन-जी एक ईमानदार परीक्षा प्रणाली, रोजगार दिलाने वाली शिक्षा व्यवस्था और सबको साथ लेकर चलने वाली व्यवस्था चाहते हैं. नागपुर में ट्रेनिंग पाए लोगों को लाकर आप अपने ही फायदे के लिए काम कर रहे हैं, इसे बंद करें.”
Samajwadi Party के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, “इससे ज्यादा देश का दुर्भाग्य नहीं हो सकता है कि एक तरफ देश के क्रांतिकारी खड़े थे और एक तरफ देश में अंग्रेजों के चाटुकार यानी आरएसएस वाले खड़े थे. उन्होंने कई बार माफी मांगी. यहां तक कि वे तनख्वाह लेते थे. वे हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ाने जा रहे हैं. उन्होंने 52 साल तक तिरंगे को अपने घर पर नहीं फहराया, वे देशभक्ति का सर्टिफिकेट दे रहे हैं.”
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डीसीएच/
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