
पटना, 10 जुलाई . बिहार के उपChief Minister विजय कुमार सिन्हा ने विपक्ष द्वारा 9 जुलाई Wednesday को बुलाए गए बिहार बंद पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बंद के बहाने जनता को दबाने और महिलाओं का अपमान करने की कोशिश की है. सिन्हा ने कहा, “जिस तरह से गरीब टैम्पो चालकों को पीटा गया, वह विपक्ष की अराजक मानसिकता को दर्शाता है. जनता ने इस बंद का समर्थन नहीं किया.”
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बाहरी लोगों को अब वोट देने का अधिकार नहीं दिया जाएगा. जो लोग भारत की धरती पर जन्मे हैं और भारतीय नागरिक हैं, केवल उन्हें ही मतदान का अधिकार है. बांग्लादेशियों को किसी भी कीमत पर रोका जाएगा.
विजय कुमार सिन्हा ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कन्हैया कुमार और पप्पू यादव जैसे नेताओं ने जमीन से संघर्ष करके अपनी पहचान बनाई है, न कि विरासत में सियासत पाई है. लेकिन, इन दोनों का अपमान किया गया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ये लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए. तेजस्वी यादव जैसे नेता इनसे डरते हैं क्योंकि इनका जनता के साथ सीधा जुड़ाव है. बिहार की जनता समझदार है और वह विपक्ष के इस “नाटक” को समझ चुकी है.”
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर Supreme court में हुई सुनवाई पर विजय सिन्हा ने कहा, “हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं और इसके साथ खड़े हैं. विपक्ष संविधान की बात करता है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं करता. उनका चेहरा बेनकाब हो चुका है.”
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विपक्षी दलों द्वारा विरोध किए जाने पर बिहार के उपChief Minister विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के लिए, बिहार में बांग्लादेशियों के अवैध प्रवेश की अनुमति देने वाले कांग्रेस और राजद के लोग अब उन्हें पालना चाहते हैं. चुनाव आयोग ने कहां कहा कि भारतीय नागरिकों को दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे? बिहार में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले इन 15-20 प्रतिशत लोगों ने बिहार को कलंकित किया है और अराजकता का माहौल बनाया है. कांग्रेस-राजद उनके पक्ष में खड़ी है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ अपना काम कर रहा है.
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एकेएस/जीकेटी
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