
New Delhi, 22 अप्रैल . Lok Sabha में महिला आरक्षण विधेयक पास नहीं होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि अगर महिला आरक्षण बिल पारित हो जाता तो कांग्रेस में प्रियंका गांधी वाड्रा एक बड़ी नेता बनकर उभरतीं, जो शायद राहुल गांधी को स्वीकार नहीं था.
BJP MP प्रवीण खंडेलवाल ने से बात करते हुए कहा, “राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, सपा और अन्य विपक्षी दलों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत इस विधेयक (महिला आरक्षण बिल) को गिराया और बेशर्मी से सदन में खड़े होकर कहा कि हम इस विधेयक को गिराएंगे. इससे उन्होंने देश की महिलाओं का अपमान किया है.”
उन्होंने आगे कहा, “अगर महिला आरक्षण बिल पारित हो जाता तो कांग्रेस में प्रियंका गांधी वाड्रा एक बड़ी नेता बनकर उभरतीं, जो शायद राहुल गांधी को स्वीकार नहीं था. यह महिला आरक्षण विधेयक को गिराने की एक बड़ी वजह भी हो सकती है.” खंडेलवाल ने कहा कि विपक्ष के आचरण से महिलाएं आहत हुई हैं.
बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के महिलाओं के खिलाफ विवादित बयान पर प्रवीण खंडेलवाल ने निंदा की. उन्होंने कहा, “पप्पू यादव ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, ऐसे शब्दों को बोलने में भी शर्म आती है. India में महिला को दुर्गा और लक्ष्मी के रूप में पूजा जाता है. उस नारी के विषय में पप्पू यादव ने जिन शब्दों का प्रयोग किया, उसके लिए Lok Sabha अध्यक्ष को संज्ञान लेना चाहिए.” BJP MP ने मांग की कि पप्पू यादव की संसदीय सदस्यता रद्द होनी चाहिए.
मल्लिकार्जुन खड़गे पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर उम्र का प्रभाव दिखाई पड़ रहा है. देश के Prime Minister के बारे में खड़गे ने संस्कृति, सभ्यता और मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए टिप्पणियां कीं. ऐसे स्पष्ट है कि कांग्रेस अध्यक्ष का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है. कांग्रेस पार्टी को जल्द खड़गे की किसी मनोचिकित्सक से जांच करानी चाहिए.”
–
डीसीएच/
Skip to content