
Bengaluru, 23 जून . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने Tuesday को Chief Minister डी.के. शिवकुमार पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस Government स्थिर शासन देने में नाकाम रही है और सत्ता के लिए अंदरूनी खींचतान के कारण कैबिनेट के विस्तार में देरी कर रही है.
Government अभी Chief Minister डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में 13 मंत्रियों के साथ काम कर रही है, जबकि कैबिनेट में 20 पद अभी खाली हैं.
Political हलकों में कैबिनेट विस्तार में देरी की वजह सत्ताधारी पार्टी के भीतर मतभेदों को माना जा रहा है. मंत्रियों को पहले से सौंपे गए विभागों को छोड़कर, बाकी सभी विभागों का कामकाज खुद Chief Minister देख रहे हैं.
भाजपा नेता आर. अशोक ने Chief Minister डी.के. शिवकुमार को “अपनी मर्जी से शिक्षाविद” कहा और उन पर Political जोड़-तोड़ (हॉर्स-ट्रेडिंग) में माहिर होने का आरोप लगाया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या Chief Minister कैबिनेट का पूरी तरह से विस्तार करने से इसलिए हिचकिचा रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे उनकी कुर्सी डगमगा सकती है.
आर. अशोक ने पूछा, “राज्यसभा और विधान परिषद दोनों के चुनाव हो चुके हैं. फिर भी कर्नाटक में अभी तक पूरी कैबिनेट नहीं बनी है. ऐसे बेबस और ‘रबड़ स्टांप’ Chief Minister से कन्नड़ लोग क्या उम्मीद कर सकते हैं, जो कैबिनेट का विस्तार तक नहीं कर पा रहे हैं?”
राज्य में सरकारी स्कूलों की हालत पर बात करते हुए बीजेपी नेता ने दावा किया कि कर्नाटक के 46,174 सरकारी स्कूलों में से 16,800 से ज्यादा क्लासरूम मरम्मत का इंतजार है. उनके मुताबिक, स्कूल के लगभग 40 प्रतिशत क्लासरूम जर्जर हालत में हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि यह समस्या कल्याणा कर्नाटक, कित्तूर कर्नाटक, मलनाड, पुराने मैसूर और यहां तक कि Bengaluru जैसे इलाकों में भी बड़े पैमाने पर फैली हुई है, जहां खबरों के मुताबिक 80 से ज्यादा सरकारी स्कूल खतरनाक हालत में हैं.
आर. अशोक ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों को असुरक्षित हालात में क्लास में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जहां छत से पानी टपकने, दीवारों के गिरने और खिड़कियों के टूटे-फूटे होने से उनकी सुरक्षा को खतरा है. उन्होंने सवाल किया, “क्या यही आपकी गारंटी वाली Government की उपलब्धि है?
विपक्ष के नेता ने अहम विभागों के लिए मंत्री न होने को लेकर Government की आलोचना की. उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक में पिछले एक महीने से कृषि, स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए कोई मंत्री नहीं है, जिससे कामकाज ठप पड़ गया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जहां पूरा प्रशासनिक तंत्र पटरी से उतर गया है, वहीं कांग्रेस Government सत्ता-बंटवारे की व्यवस्था और पदों के लिए आंतरिक लड़ाई में उलझी हुई है.
अशोक ने आरोप लगाया कि शिक्षा, किसानों के कल्याण और जनता की शिकायतों से जुड़े मुद्दे अब Government की प्राथमिकता नहीं रहे. इसके बजाय उन्होंने दावा किया कि Chief Minister और उनके सहयोगी सिर्फ सत्ता बनाए रखने पर ध्यान दे रहे थे.
भाजपा नेता ने कहा, “स्कूल की दीवारें गिर रही हैं, प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा रही है, लेकिन कांग्रेस Government को सिर्फ Political हिसाब-किताब और अपनी कुर्सियां बचाने की चिंता है.”
आर. अशोक ने ‘गृह लक्ष्मी’ योजना को लागू करने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया और कांग्रेस Government पर फायदों के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित न कर पाने का आरोप लगाया. उन्होंने कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल की टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि इनसे राज्य की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं में से एक के प्रशासन में गंभीर कमियों का पता चलता है.
ऑडिट के नतीजों का जिक्र करते हुए आर. अशोक ने दावा किया कि 19,020 लाभार्थियों को एक ही बैंक अकाउंट नंबर से जोड़ा गया था. उन्होंने सवाल उठाया कि हजारों महिलाओं के नाम पर जारी किए गए पैसे एक ही अकाउंट में कैसे जमा हो सकते हैं और Government से इस बारे में सफाई मांगी
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एसएचके/
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