महिला आरक्षण विधेयक के विरोधियों की नींद उड़ जाएगी: सीएम देवेंद्र फडणवीस

Mumbai , 21 अप्रैल . Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Tuesday को ‘जन आक्रोश मार्च’ के दौरान महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं को कड़ी चेतावनी दी.

उन्होंने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) का विरोध करने और महिलाओं के अधिकारों का ‘गला घोंटने’ वालों को आने वाले दिनों में चैन नहीं मिलेगा.

उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद और विधानसभा दोनों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा.

महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वालों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी-महायुति गठबंधन द्वारा वर्ली के जंबोरी मैदान से एनएससीआई डोम तक एक मार्च का आयोजन किया गया.

रैली के समापन को संबोधित करते हुए Chief Minister ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति व्यापक जन जागरूकता का आह्वान किया और राज्य भर की महिलाओं से एक करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने के अभियान की घोषणा की.

उन्होंने कहा कि इन ‘अधूरे अक्ल’ वाले लोगों को दिखाओ कि महिलाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. हर महिला के दिल में आग जलाओ. एक करोड़ हस्ताक्षर इकट्ठा करो और उन्हें बिल का विरोध करने वालों के मुंह पर फेंक दो.

विधेयक के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए Chief Minister फडणवीस ने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण के प्रयास 1996 में शुरू हुए थे, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने वर्षों तक इस मुद्दे को नजरअंदाज किया. उन्होंने कहा कि पूर्व Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी ने तीन बार विधेयक पेश किया, लेकिन बहुमत न मिलने के कारण यह पारित नहीं हो सका.

उन्होंने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन Government की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस ने विधेयक पारित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए.

Chief Minister ने इस बात पर प्रकाश डाला कि Prime Minister मोदी के नेतृत्व में 2023 में संवैधानिक संशोधन पारित हुआ, जिससे 33 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त हुआ.

हालांकि, विपक्ष अब इस पर आपत्ति जता रहा है क्योंकि इसका कार्यान्वयन जनगणना और परिसीमन से जुड़ा हुआ है. उन्होंने विपक्ष पर Political लाभ के लिए पीछे हटने का आरोप लगाया.

एमएस/