
पुणे, 27 जून (आईएएनएल). शिवसेना की राज्यसभा सांसद डॉ. ज्योति वाघमारे ने ऑपरेशन टाइगर को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे पूरी तरह सफल बताया है. उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) गुट के छह सांसद पार्टी नेतृत्व को छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में Maharashtra के विकास के लिए शिवसेना में शामिल हो चुके हैं. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि अब यूबीटी के विधायकों की भी पार्टी बैठकों में उपस्थिति कम होती जा रही है.
वाघमारे ने कहा कि ऑपरेशन टाइगर सफल हो चुका है. यूबीटी के छह खासदार उनके घर बैठने वाले नेता को छोड़कर एकनाथ शिंदे साहब के साथ Maharashtra के विकास के लिए जुड़ गए हैं. कुछ दिन पहले हमने खबरें देखीं कि अब उनके विधायक भी उनकी बैठकों में उपस्थित नहीं रह रहे हैं. ऐसे में अब यूबीटी को आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर लोग उन्हें छोड़कर क्यों जा रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि यूबीटी नेतृत्व कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में शामिल नहीं होता और केवल परिवारवाद की राजनीति करता है. इन्हें जनता की चिंता नहीं है. इनका उद्देश्य सिर्फ अपने बेटे आदित्य ठाकरे को Maharashtra की राजनीति में स्थापित करना है. ऐसे परिवारवादी नेताओं को लोग छोड़ेंगे ही.
हाल ही में सामने आई Chief Minister देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे की एक फ्लाइट में साथ बैठे होने की तस्वीरों पर वाघमारे ने उद्धव ठाकरे की Political शैली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मैंने वह तस्वीरें देखीं. मुझे उद्धव ठाकरे पर आश्चर्य होता है. कुछ दिन पहले तक वे देवेंद्र फडणवीस के लिए बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे. वे कहते थे कि ‘या तो तू रहेगा या मैं रहूंगा.’ उन्होंने फडणवीस को ‘कलंक’ और ‘अफजल खान की फौज’ जैसे शब्दों से भी संबोधित किया था. अगर आप अपनी राजनीति के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलेंगे तो मुझे लगता है कि इनके बदलते रंग देखकर गिरगिट भी खुदकुशी कर लेगा.
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड पर भी सांसद ज्योति वाघमारे ने टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि किसी भी सजा से पीड़ित परिवार को उनका बेटा वापस नहीं मिल सकता. बहुत दुख होता है. चाहे दोषियों को सजा मिले, फांसी हो या कोई और दंड, लेकिन एक मां-बाप का बेटा उन्हें वापस नहीं मिल सकता. यह बेहद पीड़ादायक है. हमने खबरों में देखा कि विग को लेकर विवाद की बात सामने आई. अगर हमारी जेन-जी इतनी छोटी बातों पर खून करने पर उतर आए, तो ऐसे लोगों के खिलाफ बेहद कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.
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