90 साल में सिर्फ 30 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण हुआ, पिछले 10 वर्षों में 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि: प्रधानमंत्री मोदी

New Delhi, 15 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण की शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी, लेकिन इसके बाद के 90 वर्षों में केवल 30 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का ही विद्युतीकरण हो पाया. वहीं पिछले एक दशक में 70 प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर देश ने इस क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है.

Prime Minister ने कहा कि रेलवे विद्युतीकरण की यात्रा लगभग एक सदी पहले शुरू हुई थी, लेकिन विकास की गति बेहद धीमी रही. उन्होंने कहा, “आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे देश में रेलवे विद्युतीकरण का काम 1925 में शुरू हुआ था. इसके बाद 90 वर्षों में केवल 30 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण हो पाया.”

उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में जिस तेजी और संकल्प के साथ काम किया गया, उसके परिणामस्वरूप शेष 70 प्रतिशत नेटवर्क का भी विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया. Prime Minister ने कहा, “90 साल में 30 प्रतिशत और 10 साल में 70 प्रतिशत. यही लक्ष्य प्राप्ति की गति और कार्य संस्कृति का प्रमाण है.”

Prime Minister ने कहा कि रेलवे के व्यापक विद्युतीकरण से India को कई स्तरों पर लाभ मिला है. इससे डीजल के आयात पर निर्भरता कम हुई है, विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है. उन्होंने कहा कि बिजली से चलने वाली ट्रेनों के बढ़ते उपयोग से रेलवे अधिक स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल बना है.

India आज दुनिया के सबसे बड़े विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाले देशों में शामिल हो चुका है. देश के ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क का लगभग 99.6 प्रतिशत हिस्सा विद्युतीकृत हो चुका है. इस मामले में India केवल स्विट्जरलैंड से पीछे है, जहां 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण है, हालांकि वहां का रेल नेटवर्क India की तुलना में काफी छोटा है.

रेलवे विद्युतीकरण के मामले में India अब कई प्रमुख देशों से आगे निकल चुका है. चीन का रेलवे नेटवर्क लगभग 82 प्रतिशत, स्पेन का 67 प्रतिशत, जापान का 64 प्रतिशत, फ्रांस का 60 प्रतिशत और यूनाइटेड किंगडम का 39 प्रतिशत तक विद्युतीकृत है.

Prime Minister मोदी ने कहा कि India केवल रेलवे विद्युतीकरण तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को भी तेजी से अपना रहा है. उन्होंने कहा कि देश ने हाल ही में हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली अपनी पहली ट्रेन शुरू की है, जो इस क्षेत्र में India की नई उपलब्धि है.

Prime Minister ने कहा, “India ने ईंधन के इस नए क्षेत्र में भी कदम रख दिया है. देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू हो चुकी है और मुझे यह बताते हुए खुशी है कि यह अपनी तरह की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली ट्रेन है.”

करीब 2,600 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन स्वच्छ ईंधन-आधारित रेल परिवहन की संभावनाओं को प्रदर्शित करेगी. Government का मानना है कि हाइड्रोजन तकनीक भविष्य में पारंपरिक डीजल आधारित ट्रेनों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बन सकती है.

Prime Minister ने जोर देकर कहा कि India का लक्ष्य केवल दुनिया की बराबरी करना नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों में अग्रणी भूमिका निभाना है. रेलवे आधुनिकीकरण, विद्युतीकरण और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन के क्षेत्र में हुई प्रगति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

डीबीपी