
New Delhi, 10 जून . Union Minister हरदीप सिंह पुरी ने से कहा कि पेट्रोल में 7.60 रुपये की वास्तविक बढ़ोतरी हुई, जबकि 10 रुपये की राहत एक्साइज ड्यूटी कटौती से मिली. उन्होंने उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए एलपीजी की 29 रुपये की बढ़ोतरी पर भी स्पष्टीकरण दिया.
Union Minister हरदीप सिंह पुरी ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “पेट्रोल की कुल बढ़ोतरी केवल सात रुपए साठ पैसे हुई है, क्योंकि बाकी दस रुपए एक्साइज ड्यूटी कटौती में अवशोषित हो गए.”
एलपीजी सिलेंडर की कीमत पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि कुछ समाचार चैनलों में यह दावा किया जा रहा है कि सिलेंडर की कीमत 29 रुपए बढ़ गई है. उन्होंने इस पर गणना देते हुए स्पष्ट किया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थी औसतन एक सिलेंडर तीन महीने में इस्तेमाल करते हैं. इसलिए 29 रुपए को तीन से विभाजित करने पर प्रति माह साढ़े नौ रुपए बढ़ोतरी होती है. साढ़े नौ रुपए को फिर 30 दिनों से विभाजित करने पर प्रति दिन केवल 30 पैसे की बढ़ोतरी होती है. कुल 10 करोड़ 55 लाख उज्ज्वला लाभार्थी हैं.
मंत्री ने आगे बताया कि हमने चार सिलेंडर तक की सीमा इसलिए लगाई गई क्योंकि विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि कई लाभार्थी अतिरिक्त सिलेंडर लेकर उन्हें कमर्शियल उपयोग में बेच रहे थे या डायवर्ट कर रहे थे. यह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम है. जब आप सिलेंडर खरीदते हैं तो सब्सिडी सीधे आपके खाते में आ जाती है. चार सिलेंडर तक सब्सिडी मिलती है. अगर त्योहार या विशेष अवसर पर जरूरत हो तो पांचवां सिलेंडर पूरे 300 रुपए महंगे दाम पर लिया जा सकता है. नॉर्मल सिलेंडर पर करीब 700 रुपए सब्सिडी है. अगर सब्सिडी न दी जाए तो सिलेंडर 1600 रुपए का मिलेगा, न कि 700-945 रुपए में.
उन्होंने पूछा, “आप क्यों चाहते हैं कि टैक्सपेयर का पैसा अनावश्यक सब्सिडी में जाए?” महामारी के दौरान दिए जा रहे मुफ्त राशन (दिन में तीन समय) का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि यह सुविधा अभी भी जारी है. विपक्ष का काम आरोप लगाना है, लेकिन क्या 29 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी से प्रति दिन 30 पैसे का खर्च वाकई इतना बड़ा है? कुल जीवनयापन की लागत, तनख्वाह और महंगाई के हिसाब में यह प्रतिशत बहुत नगण्य है.
मंत्री ने मीडिया से कहा कि विपक्ष लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने आश्वासन दिया कि Government की पूरी कोशिश रहेगी कि अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल के बावजूद स्थिति को अच्छी तरह मैनेज किया जाए. अगर दाम बहुत बढ़ जाते हैं तो भी उचित कदम उठाए जाएंगे.
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एएस
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