नोएडा में ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस की गिरफ्त में 4 आरोपी

Lucknow, 4 जून . उत्तर प्रदेश की नोएडा, सेक्टर-113 Police ने एक ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन पर ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों के जरिए लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है.

इसी को लेकर नोएडा की अतिरिक्त Police उपायुक्त (एडीसीपी), मनीषा सिंह ने बताया कि नोएडा Police द्वारा लगातार अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में Thursday को थाना क्षेत्र -113 में एसीपी-3 और एसचओ-113 और उनकी टीम ने ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों के जरिए लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले से संबंधित 4 लोगों को गिरफ्तार किया है.

उन्होंने बताया कि ये अपराधी बीते 4 से 5 महीने से यहां रह रहे थे और बी-बुक नाम के एक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के माध्यम से लोगों के साथ धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दे रहे थे. इसी के साथ इन लोगों ने एक लक्ष्मी ट्रेडर्स नामक कंपनी भी बना रखी थी, जिसके खाते में मई महीने में लगभग 2 करोड़ 40 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड मिला है.

इन घटना में सम्मिलित 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. इसी के साथ इनके कब्जे से 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, चार्जर, सिम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामान बरामद किया गया है. गिरफ्तार चारों आरोपी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं. वहीं, इस घटना के मास्टर माइंड के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी.

एडीसीपी ने बताया कि इन चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायालय के सामने पेश किया गया है. वहीं, मामले से जुड़ी अन्य कार्रवाई जारी है.

बता दें कि 25 मई को एक इसी प्रकार का मामला New Delhi से सामने आया था, जहां पूर्वी जिला Police के ऑटो चोरी रोधी दस्ते (एएटीएस) ने दिल्ली के मधु विहार इलाके से संचालित हो रहे एक ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया. दिल्ली Police ने इस गिरोह को Lucknow सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स के बीच हो रहे आईपीएल मैच के दौरान कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी करते हुए गिरफ्तार किया था.

आरोपियों की पहचान मधु विहार निवासी मनीष जैन (50), जगत पुरी निवासी अभिषेक जैन (26) और मंडावली ऊंचे पार निवासी अर्पित गुप्ता (40) के रूप में हुई. Police ने बताया कि मनीष जैन कथित तौर पर अपने घर से सट्टेबाजी का रैकेट चला रहा था, जबकि अन्य दो आरोपी इस काम में उसकी मदद कर रहे थे.

डीके/एबीएम