डीएमके विधायक अनीता आर. राधाकृष्णन की टिप्पणी पर मणिकम टैगोर बोले, बातचीत में शालीनता जरूरी

चेन्नई, 4 जुलाई . तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने डीएमके विधायक अनीता आर. राधाकृष्णन की Chief Minister सी. जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि नेताओं को सार्वजनिक बातचीत में शालीनता बनाए रखनी चाहिए.

उनके ये बयान तब आए, जब तिरुचेंदूर के विधायक को Friday और Saturday की दरमियानी रात लगभग 12 बजे जमानत मिल गई. उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किए जाने के कुछ ही घंटे बाद जमानत मिली थी.

तिरुचेंदूर से डीएमके के सीनियर नेता और विधायक राधाकृष्णन को थूथुकुडी Police ने तब गिरफ्तार किया, जब वह थूथुकुडी से लगभग 23 किलोमीटर दूर अत्तूर गए हुए थे. मद्रास हाईकोर्ट ने Friday को ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

उन्हें Police की गाड़ी में ले जाया गया, जांचकर्ताओं ने उनसे पूछताछ की और बाद में तिरुचेंदूर कोर्ट में पेश करने से पहले मेडिकल जांच के लिए थूथुकुडी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया.

यह मामला 20 जून को एक जनसभा में राधाकृष्णन द्वारा दिए गए भाषण से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने Chief Minister विजय के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी.

सत्ताधारी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की शिकायत के बाद Police ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और धारा 353(2) (सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया.

चेन्नई में पूर्व Chief Minister के. कामराज के स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मणिकम टैगोर ने कहा कि राधाकृष्णन शायद यह भूल गए हैं कि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद डीएमके अब सत्ता में नहीं है.

कांग्रेस सांसद ने पूछा, “क्या उन्हें मौजूदा Political हालात की जानकारी है? क्या उन्हें एहसास नहीं है कि डीएमके सत्ता से बाहर हो गई है?”

टैगोर ने कहा कि Political नेताओं पर हमला करने और बातचीत में कुछ शालीनता होनी चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके बाद विपक्ष बोलना सीखेगा और अपमानजनक टिप्पणी करने से बचेगा.

इससे पहले दिन में, राधाकृष्णन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जी.के. इलांथिरैयन ने मौखिक रूप से कहा कि विधानसभा के मौजूदा सदस्य को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए थे.

टैगोर ने मदुरै में सरकारी अधिकारियों के साथ हाल ही में हुई समीक्षा बैठक को लेकर तमिलनाडु के Governor राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि Governor अपनी संवैधानिक भूमिका से आगे बढ़कर काम कर रहे हैं.

टीएनसीसी प्रमुख ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि Governor ऐसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं. अगर वह गोवा जैसी राजनीति करना चाहते हैं, तो उन्हें वहां जाना चाहिए. मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे अपनी संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन न करें.”

एससीएच/