विपक्ष के हंगामे पर स्पीकर ओम बिरला बोले- ‘महात्मा गांधी से लें प्रेरणा’, लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

New Delhi, 7 अगस्त . संसद का मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे के कारण लगातार बाधित है. Friday को भी सदन की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई. बार-बार अनुरोध के बावजूद विपक्षी सदस्यों के शांत नहीं होने पर स्पीकर ओम बिरला ने Lok Sabha की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया.

विपक्षी सांसद लगातार 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘Police कार्रवाई’ और अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से जवाब दिए जाने की मांग कर रहे हैं. Friday को भी विपक्ष ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए हंगामा किया.

सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ओम बिरला ने महात्मा गांधी को याद किया. उन्होंने कहा, “9 अगस्त को ‘India छोड़ आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ है. साल 1942 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देशवासियों को ‘करो या मरो’ का मंत्र दिया था. India छोड़ो आंदोलन, India के लोगों की एकता, अदम्य साहस और अन्याय के विरूद्ध सत्य और अहिंसा पर आधारित संघर्ष का अमर प्रतीक है.”

उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने स्वतंत्रता प्राप्ति की दिशा में निर्णायक जनजागरण का मार्ग प्रशस्त किया और राष्ट्र के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा प्रदान की गई. यह सभा महात्मा गांधी और India की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है.

इसके बाद, सदन में सभी सदस्यों ने 2 मिनट का मौन रखा. हालांकि, प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामा होने लगा.

स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के सदस्यों से सदन की कार्यवाही जारी रखने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी का योगदान सिर्फ India नहीं, बल्कि पूरी दुनिया मानती है. इसलिए दुनिया भी उनसे प्रेरणा लेती है. देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करने के लिए आप सब भी उनसे प्रेरणा लो. यहां चर्चा, संवाद और अपने विचारों को अभिव्यक्त करो.”

उन्होंने आगे कहा, “प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है. बाबासाहेब अंबेडकर ने यही विचार दिया था कि देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करना है, तो चर्चा और संवाद ही इसका रास्ता है.”

विपक्ष के सदस्यों से फिर से आग्रह करते पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आपका आचरण संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है. इस पर आपको विचार करना चाहिए. सदन चर्चा और संवाद, खासकर प्रश्नकाल संसद सदस्यों के सवालों के लिए होता है. आपसे अनुरोध है कि आप प्रश्नकाल को चलने दें.

इसके बावजूद सदन में विपक्ष के सदस्यों का हंगामा जारी रहा. बाद में स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

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