श्रावण कृष्ण पक्ष द्वितीया पर बाबा महाकाल की भव्य भस्म आरती, राजा स्वरूप में किया गया शृंगार

उज्जैन, 31 जुलाई . सावन के पावन महीने में देशभर के शिवालयों में श्रद्धालु जलाभिषेक कर रहे हैं. श्रावण कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, Friday को श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई. इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.

Friday तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए. दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष से गूंज उठा. मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा.

महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया. बाबा महाकाल का रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट, और आभूषणों से राजा स्वरूप में भव्य शृंगार किया गया. बाबा को भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट, और भस्म अर्पित की गई. शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला, और सुगंधित फूलों की मालाएं पहनाई गईं. इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया.

महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए. अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही कतारबद्ध थे. भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है.

सावन के अवसर पर वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. भक्तों की भारी भीड़ की वजह से स्पर्श दर्शन नहीं कराया जा रहा है. सावन के पहले दिन उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे थे. उन्होंने बाबा के दरबार में पूजा-अर्चना की.

एसडी/डीकेपी